January Festival 2020, Sakat Puja, Makar Sankranti, Lohri, Pongal, Kalashtami 2020 Date: इस सप्ताह की शुरुआत सकट चौथ व्रत के साथ हो रही है। ये व्रत महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना के लिए रखती हैं। इसी के साथ 13 जनवरी को कई जगहों पर लोहड़ी पर्व भी मनाया जायेगा। उत्साह से भरे इस पर्व को लेकर इस बार दो तारीखें सामने आने के कारण कुछ लोग 14 जनवरी को भी लोहड़ी मनायेंगे। जानिए कब मनाई जायेगी मकर संक्रांति और क्या है इस सप्ताह के अन्य व्रत और त्योहार…
13 जनवरी: इस दिन सकट चौथ व्रत है। इसे संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट चौथ इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। ये व्रत हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन चतुर्थी तिथि की शुरुआत शाम 5:32 पी एम बजे से होगी और इसकी समाप्ति 02:49 पी एम पर 14 जनवरी को होगी। 13 जनवरी को चंद्रोदय का समय रात 08:35 पी एम का है। कई लोग इस तारीख को लोहड़ी भी मनायेंगे।
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14 जनवरी: इस बार मकर संक्रांति की तारीख 15 जनवरी को पड़ने के कारण लोहड़ी पर्व पंचांग अनुसार 14 जनवरी को मनाया जायेगा। इस पर्व की खास रौनक पंजाब, हरियाणा, जम्मू, हिमाचल और दिल्ली में देखने को मिलती है। इस दिन लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 45 मिनट के बाद से शुरू हो रहा है। इसी दिन से 4 दिनों तक मनाये जाने वाले पोंगल पर्व की शुरुआत भी हो रही है। जिसका पहला दिन भोगी संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग अपनी पुरानी वस्तुओं का त्याग करते हैं।
15 जनवरी: इस दिन सूर्य के मकर राशि में जाने के कारण मकर संक्रांति पर्व मनाया जायेगा। जिसे उत्तर भारत के कई ईलाकों में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। इस पर्व पर खिचड़ी का दान किया जाता है। 15 जनवरी को थाई पोंगल मनाया जायेगा। जो चार दिवसीय उत्सव का दूसरा दिन है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और उन्हें अच्छी फसल के लिए आभार प्रकट किया जाता है। इस दिन सबरीमाला मंदिर में मकरविलक्कु पर्व मनाया जाता है।
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16 जनवरी: पोंगल पर्व का तीसरा दिन मट्टू पोंगल के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग अपने पशुओं की पूजा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गाय-बैलों की पूजा करते हैं तथा उन्हें विभिन्न रँगों की वस्तुओं से सजाते हैं।
17 जनवरी: ये पोंगल पर्व का चौथा दिन है। इस दिन को कन्या पोंगल कहा जाता है। इस पर्व के आखिरी दिन में महिलाएं अपने घर में रंगोली बनाती हैं और फूलों से पूरे घर को सजाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती भी है। स्वामी विवेकानंद का जन्म माघ मास की सप्तमी तिथि को हुआ था। इस दिन कालाष्टमी व्रत भी रखा जायेगा।

