Top 10 Prediction of Scorpio in 2026: नया साल 2026 वृश्चिक राशि के जातकों के लिए काफी अच्छा जाने वाला है। इस अवधि में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकते हैं। आपके द्वारा की जा रही मेहनत का फल इस साल मिल सकता है। जीवन में स्थिरता आएगी। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें पंडित केपी शुक्ल से वृश्चिक राशि के जातकों की 10 बड़ी भविष्यवाणियां….
साल 2026 में वृश्चिक राशि में ग्रहों की स्थिति
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली में ग्रहों की स्थिति की बात करें, तो इस आपकी कुंडली के चौथे भाव में राहु, पंचम में शनि रहेंगे। इसके अलावा गुरु बृहस्पति इस साल अतिचारी गति से चलेंगे। ऐसे में इस सप्ताह तीन बार राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में इस साल गुरु आपकी राशि में अष्टम भाव में होंगे। 2 जून को गुरु नवम भाव में और 18 अक्टूबर को दशम भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इसके अलावा सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते रहेंगे।
पहली घटना: मंगल-गुरु का दृष्टि संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली या गोचर कुंडली में गुरु और मंगल का दृष्टि संबंध आय के अतिरिक्त साधनों का योग बनाता है। गुरु अष्टम भाव में स्थित हैं। इस दृष्टि संबंध के कारण इस राशि के जातकों को आय के क्षेत्र में काफी लाभ मिल सकता है। छठे भाव और लग्न के स्वामी मंगल होने से इस राशि के जातकों की आमदनी में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा नौकरी, व्यापार, शिक्षा, कंसल्टेंसी और प्रॉपर्टी के माध्यम से अच्छा खासा लाभ मिल सकता है।
दूसरी घटना: 14 जनवरी से 13 फरवरी
बता दें कि इस समय मकर राशि में ग्रहों का जमावड़ा लगा हुआ है। ऐसे में ही मकर राशि के तीसरे भाव में सूर्य और मंगल विराजमान है और दोनों की युति से मंगल आदित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। मंगल के अपनी उच्च राशि में होने से वह बहुत ही ज्यादा बलशाली है। ऐसे में आपको नौकरी मिलने के कई मौके मिल सकते हैं। उच्च शिक्षा पाने का सपना पूरा हो सकता है। काम के सिलसिले में कई यात्राएं करनी पड़ सकती है। विदेश यात्रा के भी मौके मिल सकते हैं। जीवन में खुशियों की दस्तक होगी और मानसिक तनाव कम हो सकता है। मंगल की दृष्टि छठे भाव पर पड़ रही है। ऐसे में आपको कार्यस्थल में काफी लाभ मिल सकता है। आप अपने विरोधियों से विजय पा सकते हैं। पुराने कर्जों से मुक्ति मिलने के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
तीसरी घटना: 23 फरवरी से 2 अप्रैल
इस अवधि में मंगल मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आ जाएंगे। जहां पर पहले से ही राहु वुराजमान है। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति से अंगारक योग का निर्माण होगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में खूब लाभ मिल सकता है। अपने शत्रुओं के ऊपर विजय पा सकते हैं। प्रॉपर्टी लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में भी लाभ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है। लेकिन थोड़ा सतर्क रहें, क्योंकि नौकरीपेशा जातकों के कार्यस्थल में किसी से वाद-विवाद हो सकता है।
चौथी घटना: 13 जनवरी से 6 फरवरी
मकर राशि में सूर्य, मंगल और शुक्र की युति हो रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों को दांपत्य जीवन के मामले में थोड़ा संभलकर कहने की जरूरत है। रिश्तों में खटास आ सकता है। इस अवधि में रिश्तों, कार्यस्थल और प्रेम संबंधों में सतर्कता आवश्यक है।
पांचवी घटना: 14 अप्रैल से 15 मई
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस अवधि में ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस राशि के छात्रों को कई मायनों में खास हो सकता है। इस अवधि में कोई परीक्षा, रिजल्ट या इंटरव्यू है, तो आपको सफलता हासिल हो सकती है।
छठी घटना: 19 अप्रैल से 14 मई
वृश्चिक राशि की छठी घटना की बात करें, तो अप्रैल-मई के दौरान धन-वैभव के दाता शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ राशि में गोचर करेंगे, जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण होगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। सुख-सुविधाओं की तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। व्यापार के क्षेत्र में भी लाभ मिल सकता है। अगर आप इस अवधि में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपको अपार सफलता हासिल हो सकती है।
सातवीं घटना: 11 मई से 21 जून
ग्रहों के सेनापति मंगल आपकी गोचर कुंडली के छठे भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में वह विपरीत राजयोग का निर्माण करेंगे। इस राजयोग का निर्माण होने से आपको किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। लंबे समय से चली आ रही बीमारी धीरे-धीरे सही हो सकती है। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि किसी को पैसा न तो उधार दें और किसी भी व्यक्ति की जमानत न लें।
आठवीं घटना: 16 नवंबर से 16 दिसंबर
नवंबर माह के दौरान ग्रहों के राजा सूर्य आपकी राशि में गोचर करेंगे और लग्न भाव में रहेंगे। इसके साथ ही भूमिपुत्र मंगल सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह सूर्य-मंगल परिवर्तन योग लग्न और दशम भाव दोनों को मजबूत करेगा। ऐसे में कार्यस्थल में चली आ रही परेशानियों से निजात मिल सकती है। आप अपनी लगन और मेहनत के बल पर एक अलग पहचान बना पाने में सफल होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
नौवीं घटना: 2 नवंबर से 22 नवंबर
इस अवधि में दैत्यों के गुरु शुक्र का गोचर 12वें और 11वें भाव में होगा। शुक्र अति विशिष्ट कारक हैं, जो धन, इच्छाओं की पूर्ति और विदेशों से लाभ देने में सक्षम हैं। इस दौरान परिवार, व्यापार, विवाह और सुख-सुविधाओं पर खर्च भी होगा। जीवन में खुशियां ही खुशियां आ सकती है।
दसवीं घटना: 16 दिसंबर
दिसंबर के अंत में सूर्य राशि परिवर्तन धनु राशि में प्रवेश करेंगे और आपकी राशि में दूसरे भाव में आएंगे। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करके आपकी गोचर कुंडली के दशम भाव में रहेंगे। ऐसे में सूर्य-गुरु का परिवर्तन राजयोग आपको कई मायनों में लाभकारी हो सकता है। कार्यक्षेत्र में अपार सफलता हासिल हो सकती है। व्यवसाय और प्रोफेशन से धन लाभ का योग भी बन रहे हैं।
निष्कर्ष
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह अवधि धन, करियर, शिक्षा, संबंध और व्यवसाय में उन्नति, अतिरिक्त आय और सफलता के अनेक अवसर लेकर आने वाली है। परंतु कुछ समय पर सावधानी और अनुशासन रखना
वृश्चिक राशि वाले शुभ फलों के लिए करें ये विशेष उपाय
पंडित केपी शुक्ल के अनुसार, वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में शुभ फलों के लिए सालभर में ये खास उपाय अवश्य करें।
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर प्रतिदिन नहीं कर सकते हैं, तो हर मंगलवार के दिन करें।
- शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को गुलाबी फूल अर्पित करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होगी।
- शनिवार के दिन राहु के बीज मंत्र का जाप करें।
साल 2026 का वार्षिक राशिफल (Horoscope 2026)
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणामों में भिन्नता हो सकती है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
