Vasant Panchami 2019 Date: History, Importance Why do we celebrate Vasant Panchami in India?: बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को कहा जाता है। इस बार यह माघ शुक्ल पंचमी यानि 10 फरवरी 2019 दिन रविवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन ज्ञान, विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी सरस्वती का आविर्भाव हुआ था। इसलिए यह तिथि वागीश्वरी जयंती या श्री पंचमी के नाम से भी प्रसिद्ध है। बसंत पंचमी के बारे में ऋग्वेद में उल्लेख मिलता है। ऋग्वेद के दसवें मंडल के 125 वें सूक्त में सरस्वती देवी के प्रभाव और महिमा का वर्णन किया गया है। पौराणिक ग्रंथों में भी इस दिन को बहुत ही शुभ माना गया है। साथ ही यह दिन हर नए काम की शुरुआत के लिए मंगलकारी माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार जानते हैं कि बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त, इतिहास और महत्व क्या है? साथ ही भारत में बसंत पंचमी क्यों मनाया जाता है?
बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त: हिन्दू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 07:07 बजे से लेकर दोपहर के 12:35 तक है। यानि इस बार पूजा की कुल अवधि पांच घंटे 27 मिनट है। इसके अलावा सरस्वती पूजा के लिए पंचमी तिथि की शुरुआत एक दिन पहले यानि 9 फरवरी, 2019 (शनिवार) को 12:25 बजे से शुरू हो रही है। साथ ही पंचमी तिथि की समाप्ति 10 फरवरी, 2019 (रविवार) को 14:08 बजे हो रही है।
बसंत पंचमी का इतिहास: ऋग्वेद में देवी सरस्वती का उल्लेख एक ऋचा के द्वारा किया गया है। प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु। यानि मां सरस्वती परम चेतना है और मां हमारी बुद्धि, प्रज्ञा, मनोवृत्तियों आदि की संरक्षिका हैं। हममें जो चेतना और ज्ञान है उसका आधार मां सरस्वती है इनकी स्वरूप और समृद्धि का वैभव अद्भुत है। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर मां सरस्वती को वरदान दिया था की बसंत पंचमी के दिन आपका प्रादुर्भाव हुआ है। अतः इस दिन समस्त ब्रह्माण्ड में आपकी पूजा की जाएगी। इसलिए भारत में बसंत पंचमी का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

