Surya Grahan 2019 or Solar Eclipse July 2019 Date and Time in India, Surya Grahan July 2019 Dates and Timings: 2 जुलाई 2019 मंगलवार के दिन इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जो भारतीय समय के मुताबिक रात 10 बजकर 25 मिनट से शुरु होकर 3 जुलाई को सुबह 03 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण करीब 4 घंटे का होगा। इसे दक्षिण अमेरिका, दक्षिण मध्य अमेरिका तथा प्रशान्त महासागर में देखा जायेगा। भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। हिन्दू धर्म में सूर्य ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। जो सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा से जुड़ी हुई घटना है। सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, जिस कारण वह सूर्य को ढक लेता है। जिससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं आ पाती है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। पौराणिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय लोगों को कुछ खास सावधानियां बरतने की जरुरत होती है। इस दौरान कई तरह के काम करने वर्जित होते हैं, खासकर गर्भवती महिलाओं को।
Surya Grahan 2019 Today LIVE Updates: सूर्यग्रहण की क्या है विशेषता? पढ़ें


आज (2 जुलाई, 2019) मंगलवार की रात्रि में 11:31 से लगभग 2:14 तक खग्रास सूर्य ग्रहण रहेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्यमान नहीं होगा इसलिए सूर्यग्रहण के यम-नियम भारत में रहने वाले लोगों पर प्रभावी नहीं होंगे।
भारत में रात होने के कारण सूर्य ग्रहण का कोई असर नहीं दिखेगा। यह साल 2019 का एकमात्र है। इससे पहले 6 जनवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण हुआ था। इसके बाद अब 16 जुलाई को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। फिर 2019 का आखिरी ग्रहण और तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को होगा, जिसे भारत में देखा जा सकेगा।
मीन राशि से चतुर्थ भाव में यह ग्रहण आपकी माता के स्वास्थ्य में गड़बड़ के साथ साथ आपके परिवार में कलह क्लेश करा सकता है।
कुंभ राशि से पंचम भाव में यह ग्रहण आपके पेट की स्थिति में गड़बड़ करेगा तथा आपके प्रेम संबंधों में भी दरार लाएगा।
मकर राशि से छठे भाव में यह ग्रहण आपको शत्रुओं द्वारा नुकसान पहुंचाएगा तथा रोग बढ़ने होने की संभावना रहेगी। इससे बचने के लिए आपको शिव का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए।
भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण आज रात 10 बजकर 25 मिनट पर लगेगा और सुबह 3 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगा। यह साल 2019 का दूसरा सूर्यग्रहण है। इससे पहले 6 जनवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण लगा था।
इस ग्रहण के दौरान एक वक्त ऐसा भी आएगा जब सूर्य Ring of Fire में बदल जाएगा। दुनियाभर के लोगों ने इस अनोखी खगोलीय घटना का देखने के लिए तमाम तरह की तैयारियां भी कर ली हैं।
सूर्य ग्रहण एक तरह का ग्रहण है जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तथा पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा आच्छादित होता है।
भारत में रात होने के कारण सूर्य ग्रहण का कोई असर नहीं दिखेगा। यह साल 2019 का एकमात्र है। इससे पहले 6 जनवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण हुआ था। इसके बाद अब 16 जुलाई को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। फिर 2019 का आखिरी ग्रहण और तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को होगा, जिसे भारत में देखा जा सकेगा।
यह भी माना जाता है कि योगाभ्यास के अनुसार, सूर्य के अस्त होते ही भोजन का सेवन कम करना चाहिए और प्रकाश की अनुपस्थिति में भोजन से बचना चाहिए।
आज (2 जुलाई, 2019) मंगलवार की रात्रि में 11:31 से लगभग 2:14 तक खग्रास सूर्य ग्रहण रहेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्यमान नहीं होगा इसलिए सूर्यग्रहण के यम-नियम भारत में रहने वाले लोगों पर प्रभावी नहीं होंगे।
ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिलाओं को स्नान करना चाहिए। वरना शिशु को त्वचा संबंधित रोग हो सकते हैं। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को तुलसी का उपयोग करना चाहिए। इससे नगेटिव एनर्जी का बुरा असर नहीं पड़ता है।
विज्ञान कहता है कि सूर्यग्रहण एक प्रमुख खगोलीय घटना है। जिसमें कोई खगोलीय पिंड पूर्ण या आंशिक रूप से किसी दूसरे पिंड को ढक लेता है। इस खगोलीय घटनाक्रम को ग्रहण कहा जाता है। वहीं जब सूर्य और पृथ्वी के बीचोंबीच आ जाता है तो यही घटनाक्रम सूर्यग्रहण कहलाता है। भारतीय मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण अक्सर अमावस्या को लगता है।
चिली, अर्जेंटीना और ब्राजील के कुछ हिस्से में लोग पूर्ण सूर्यग्रहण का नजारा अपनी आंखों से देख सकेंगे।
भारतीय समयानुसार ग्रहण मंगलवार, 2 जुलाई को रात 10:25 बजे शुरू होगा। इस दौरान भारत में जहां रात होगी, वहीं चिली, अर्जेंटीना और दक्षिण प्रशांत महासागर में दिन का समय होगा। ग्रहण की अवधि तकरीबन 4 मिनट 33 सेकेंड की होगी, जिससे 11 हजार किलोमीटर के दायरे में दिन में रात जैसा नजारा हो जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि अगर कोई गर्भवती महिला ग्रहण देखती है तो उसका असर उसे गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। साथ ही साथ गर्भवती महिला के ग्रहण देखने के कारण उनकी होने वाली संतान शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है। जानें और किन बातों का गर्भवती महिलाओं को रखना होता है ध्यान...
2 जुलाई को लगने वाला सूर्य ग्रहण आषाढ कृष्ण पक्ष अमावस्या को लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण दक्षिण प्रशांत महासागर से शुरू होगा और दक्षिणी अमेरिका के कुछ भागो में भी इसका प्रभाव होगा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए हमेशा इस दौरान ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।
सूर्य के विशेष रूप से प्रभावित होने की वजह से इसका असर हर राशि पर होगा। यहां जानें किन राशि वालों पर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है।
ला सेरेना, सैन जुआन, ब्रागाडो, जूनिन औररियो कुआर्टो, चिली और अर्जेंटीना के कुछ शहर हैं जहां से सूर्यग्रहण दिखाई देगा. चिली में सैंटियागो, ब्राजील में साओ पाउलो, अर्जेंटीना में ब्यूनस आयर्स, पेरू में लीमा, उरुग्वे में मोंटेवीडियो और पैराग्वे में असुनसियन कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहाँ सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, दक्षिण मध्य अमेरिका और अर्जेंटीना में 2 जुलाई को लगभग पांच घंटे के लिए पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि जनवरी में भी सूर्य को ग्रहण लगा था लेकिन वो आंशिक रूप से था। यह साल का पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण है। जब सूर्य पूरी तरह से ढक जायेदा। यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2 जुलाई की रात लगभग 10 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर इसके बाद 12 बजकर 53 मिनट पर ग्रहण का मध्य होगा और रात 3 बजकर 21 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
Finance Horoscope: इस राशि के जातकों को व्यापार में मुनाफा मिलेगा। कोर्ट कचहरी के मामलों से भी राहत मिल सकती है। किसी महिला पक्ष से लाभ मिलने की उम्मीद है।
मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के अवधि में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान भगवान की पूजा भी निषेध माना गया है। इसके अलावा सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व भी है। विज्ञान कहता है कि सूर्य ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है। ऐसे में चंद्रमा आंशिक या पूर्ण रूप से सूर्य को ढक लेता है। तब चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और इस प्रकार इसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
ग्रहण के दौरान मल-मूत्र, दांतों की सफाई, बालों में कंघी आदि कार्य ना करें। साथ ही गर्भवती महिलाओं को चाकू और कैंची के प्रयोग से बचना चाहिए। इस दौरान सिलाई कढ़ाई का काम नहीं करना चाहिए। ग्रहण को कभी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।
भारत के समय के मुताबिक, 2 जुलाई रात 10 बजकर 25 मिनट पर सूर्यग्रहण होगा और रात 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इसके बाद 3 बजकर 21 मिनट पर संपूर्ण ग्रहण मोक्ष हो जाएगा। नासा मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण 4 घंटे 33 सेकेंड तक चलेगा। इस दौरान भारत में रात होने की वजह से सूर्यग्रहण नहीं दिखेगा।
मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के अवधि में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान भगवान की पूजा भी निषेध माना गया है। इसके अलावा सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व भी है। विज्ञान कहता है कि सूर्य ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है। ऐसे में चंद्रमा आंशिक या पूर्ण रूप से सूर्य को ढक लेता है।
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा मगर भारतीय समय के अनुसार यह रात 10 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 3 जुलाई को सुबह 03 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
साल 2019 में तीन सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण पड़ेंगे।-
पहला ग्रहण, 6 जनवरी: इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
दूसरा ग्रहण, 21 जनवरी: इस दिन चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत फिर से याद करेगा क्योंकि यह यहां पर होगा।
तीसरा ग्रहण, 2-3 जुलाई: यह सूर्य ग्रहण भारत में देखने के नहीं मिलेगा क्योंकि यहां रात के समय होगा।
चौथा ग्रहण, 16-17 जुलाई : आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा, यह ग्रहण भारत में भी देखा जा सकेगा।
पांचवा ग्रहण, 26 दिसंबर: इस दिन भारत में एक कुंडलाकार (अंगूठी के आकार का) सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
ऐसा माना जा रहा है कि ग्रहण के दौरान भूकंप के झटके भी झेलने पड सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य बेहद करीब आ जाते हैं जिसके कारण पृथ्वी पर भौगोलिक घटनाओं का खतरा बढ जाता है। पिछले साल जुलाई में चंद्रग्रहण के समय हिमाचल प्रदेश में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक तरिन्स्टर ने शोध में यह पाया था कि सूर्य ग्रहण के दौरान मनुष्य की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इस कारण ग्रहण के समय भोजन करने से अपच, एसिडिटी आदि समस्याएं हो जाती हैं। इसी कारण ग्रहण के दौरान भोजन न करने की सलाह दी जाती है।
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा मगर भारतीय समय के अनुसार यह रात 10 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 3 जुलाई को सुबह 03 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
ग्रहण के दौरान भोजन करना निषेध माना गया है। ग्रहण के दौरान पैदा होने वाले छोटे छोटे जीवाणु भोजन को दूषित कर देते हैं। ऐसे में कुछ भी न खना पीना ही बेहतर विकल्प है।
गर्भवती महिलाएं सूयग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें तथा न ही ग्रहण देखें। ऐसा करने से उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड सकता है। गर्भ में पल रहा शिशु मानसिक सा शारिरिक रूप से अक्षम पैदा हो सकता है। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान न कुछ खाएं तथा न ही कुछ पिएं। और ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
ऐसा माना जा रहा है कि ग्रहण के दौरान भूकंप के झटके भी झेलने पड सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य बेहद करीब आ जाते हैं जिसके कारण पृथ्वी पर भौगोलिक घटनाओं का खतरा बढ जाता है। पिछले साल जुलाई में चंद्रग्रहण के समय हिमाचल प्रदेश में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
साल 2019 में तीन सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण पड़ेंगे।- पहला ग्रहण, 6 जनवरी: इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।- दूसरा ग्रहण, 21 जनवरी: इस दिन चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत फिर से याद करेगा क्योंकि यह यहां पर होगा।- तीसरा ग्रहण, 2-3 जुलाई: यह सूर्य ग्रहण भारत में देखने के नहीं मिलेगा क्योंकि यहां रात के समय होगा।- चौथा ग्रहण, 16-17 जुलाई : आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा, यह ग्रहण भारत में भी देखा जा सकेगा।- पांचवा ग्रहण, 26 दिसंबर: इस दिन भारत में एक कुंडलाकार (अंगूठी के आकार का) सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
भारत में रहने वाले सूर्य ग्रहण देखने का अनुभव नहीं ले पाएंगे। ग्रहण चिली, अर्जेंटीना तथा पैसिफिक रीजन में देखा जा सकेगा। दक्षिण अमेरिका के कुछ भागों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
आपको बता दें कि यह साल 2019 का पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जबकि इससे पहले 6 जनवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण हुआ था। इसके बाद अब 16 जुलाई को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। फिर 2019 का आखिरी ग्रहण और तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को होगा। जिसे भारत में देखा जा सकेगा।
एक साल के भीतर कम से कम दो और अधिक से अधिक 5 सूर्य ग्रहण पड़ सकते हैं। भारत के लोगों को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। 20 मार्च 2034 को पड़ने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण को भारत के कारगिल और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी भागों में देखा जा सकेगा।
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्यग्रहण की घटना चार तरह की होती है। जो इस प्रकार है, आंशिक सूर्य ग्रहण, केकड़ाकार सूर्य ग्रहण, पूर्ण सूर्य ग्रहण और हाईब्रिड सूर्य ग्रहण कहा जाता है। बीते 5 हजार वर्षों में कुल 1 हजार 808 सूर्यग्रहण पड़े हैं, जिनमें आंशिक सूर्य ग्रहण लगभग 35 प्रतिशत, केकड़ाकार सूर्य ग्रहण 33 प्रतिशत, पूर्ण सूर्य ग्रहण 27 प्रतिशत और हाईब्रिड सूर्य ग्रहण करीब 5 प्रतिशत रहे हैं।
जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है। इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है। इस खगोलीय स्थिति में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं।