Share Market Astrology: वैदिक ज्योतिष अनुसार कुंडली में कुछ ऐसे संयोग और ग्रहों की विशेष स्थिति होती है, जिससे व्यक्ति को शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी में जबरदस्त लाभ होता है। साथ ही इन लोगों को समय- समय पर आकस्मिक धनलाभ भी होता है। ये लोग अच्छे निवेशक होते हैं। दरअसल शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी में धनलाभ के लिए राहु, चंद्रमा और बुध ग्रह का कुंडली में मजबूत होना जरूरी होता है। क्योंकि राहु ग्रह आकस्मिक धन और बुध ग्रह शेयर बाजार के कारक हैं। वहीं कुंडली में पंचम भाव और 11वें भाव का मजबूत होना भी बेहद जरूरी है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ग्रहों के संयोगों के बारे में जिनके कुंडली में होने व्यक्ति को शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी में लाभ हो सकता है। आइए जानते हैं ये स्थिति कैसी हैं…
कुंडली में ग्रहों की इन स्थितियों से हो सकता है सट्टा, लॉटरी और शेयर बाजार में लाभ
1- यदि जन्मपत्री में पंचमेश पंचम स्थान में ही विराजमान हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर व्यक्ति को अच्छा लाभ हो सकता है।
2- यदि पंचमेश (पंचम भाव का स्वामी) स्व या उच्च राशि में होकर शुभ भाव में हो तो शेयर बाजार में लाभ के योग बनते हैं।
3. वहीं यदि कुंडली बली पंचमेश की पंचम भाव पर ही दृष्टि पड़ रही हो तो यह स्थिति भी शेयर मार्केट में सफलता दिलाती है। साथ ही ऐसा व्यक्ति अच्छा निवेशक होता है।
4. यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली पंचमेश का दशम या एकादश भाव में हो तो भी व्यक्ति को शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी में लाभ हो सकता है।
5. यदि पंचमेश दशम स्थान में और दशमेश पंचम स्थान में हो तो व्यक्ति को आकस्मिक धनलाभ होता है। साथ ही स्टॉक मार्केट में अच्छा लाभ कमाता है।
6. यदि पंचमेश लाभ, इनकम भाव (ग्यारहवा स्थान) में और लाभेश पंचम स्थआन में हो तो व्यक्ति शेयर मार्किट से अकूत धन कमाता है। साथ ही अगर इनकम भाव का संबंध राहु और बुध से बन रहा हो तो फिर व्यक्ति अच्छा लाभ कमाता है।
7. पंचमेश और धनेश का राशि परिवर्तन भी शेयर मार्किट में अच्छे परिणाम दिलाता है। साथ अगर यहां बुध और राहु भी विराजमान हैं, तो भी अच्छा धनलाभ होता है।
8. जन्मकुंडली में भाग्येश और पंचमेश का राशि परिवर्तन भी शेयर बाराज के लिए अच्छा योग है। ऐसे लोगों की डिसीजन मेकिंग अच्छी होती है।
9. राहु का लाभ स्थान (11वें स्थान) में होना शेयर मार्किट के क्षेत्र के लिए सहायक होता है पर पंचम भाव और पंचमेश शुभ स्थिति में होने चाहिए। साथ ही अगर बुध पंचम भाव में उच्च का स्थित है तो व्यक्ति को समय- समय पर आकस्मिक धनलाभ होता है।
10. वहीं अगर चंद्रमा पंचम या 11वें भाव में उच्च का या शुभ स्थित है तो व्यक्ति कें अंदर भय खत्म हो जाता है। साथ ही वह सही समय शेयर बेचकर निकलता है। क्योंकि उसके अंदर डर बहुत कम हो जाता है।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
