Shani Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में हर माह कोई न कोई व्रत-त्योहार पड़ता है जिसका अपना-अपना महत्व होता है। इन्हीं व्रत में से एक प्रदोष व्रत भी है। हिंदू धर्म में यह व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जातकों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस साल प्रदोष का व्रत 11 जनवरी 2025, दिन शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन शनिवार पड़ने की वजह से इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आपको बता दें कि यह साल का पहला प्रदोष व्रत है। ऐसे में अगर आप इस दिन पूजा-अर्चना के बाद नटराज स्तुति का पाठ करेंगे तो इससे भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी कृपा बरसेगी। यहां पढ़ें पूरी पाठ।
नटराज स्तुति पाठ
सत सृष्टि तांडव रचयिता
नटराज राज नमो नमः ।
हे आद्य गुरु शंकर पिता
नटराज राज नमो नमः ॥
गंभीर नाद मृदंगना
धबके उरे ब्रह्माडना ।
नित होत नाद प्रचंडना
नटराज राज नमो नमः ॥
शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा
चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।
विषनाग माला कंठ मां
नटराज राज नमो नमः ॥
तवशक्ति वामांगे स्थिता
हे चंद्रिका अपराजिता ।
चहु वेद गाए संहिता
नटराज राज नमोः ॥
शिव जी के मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि तन्नोरुद्र: प्रचोदयात्
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