Mauni Amavasya January 2026 Date Time, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Snan Daan, Upay LIVE Updates: हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास की अमावस्या यानी मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन संगम नगरी प्रयागराज सहित सभी पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालुओं पहुंचेंगे। इस साल मौनी अमावस्या पर काफी शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस अवधि में स्नान-दान और तर्पण करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या की तिथि, दान- स्नान का शुभ मुहूर्त, मंत्र सहित अन्य जानकारी
मौनी अमावस्या 2026 तिथि (Mauni Amavasya 2026 Date)
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 17 जनवरी की रात 12 बजकर 4 मिनट पर हो रहा है, जो अगले दिन 18 जनवरी की रात 1 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार के दिन मनाई जाएगी।
मौनी अमावस्या पर दान-स्नान का शुभ मुहूर्त (Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Muhurat)
मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक का समय गंगा स्नान के लिए सबसे अधिक अच्छा माना जाता है। ऐसे में आप सुबह 04 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 23 मिनट तक श्रेष्ठ है।
Mauni Amavasya 2026 LIVE: मौनी अमावस्या पर करें भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जाप
ॐ विष्णवे नमः
ॐ हूं विष्णवे नमः
ॐ नमो नारायणत्रिविक्रमाय नमःपद्मनाभाय नमः
मौनी अमावस्या पर दान-स्नान का शुभ मुहूर्त (Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Muhurat)
मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक का समय गंगा स्नान के लिए सबसे अधिक अच्छा माना जाता है। ऐसे में आप सुबह 04 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 23 मिनट तक श्रेष्ठ है।
मौनी अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग (Mauni Amavasya 2026 LIVE)
मौनी अमावस्या पर इस साल कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। मौनी अमावस्या पर सुबह 10 बजकर 14 मिनट से सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है, जो पूरे दिन रहेगा। इस दौरान स्नान दान करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति हो सकती है।
कब है मौनी अमावस्या? (Mauni Amavasya 2026 LIVE)
माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आरंभ- 17 जनवरी की रात 12 बजकर 4 मिनट पर
माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि समाप्त- 18 जनवरी की रात 1 बजकर 22 मिनट तक
अमावस्या तिथि- 18 जनवरी 2026
मौनी अमावस्या पर करें गंगा स्तोत्र का पाठ
मौनी अमावस्या पर करें गंगा स्तोत्र का पाठ
ॐ नमः शिवायै गंगायै, शिवदायै नमो नमः।नमस्ते विष्णु-रुपिण्यै, ब्रह्म-मूर्त्यै नमोऽस्तु ते।।
नमस्ते रुद्र-रुपिण्यै, शांकर्यै ते नमो नमः।सर्व-देव-स्वरुपिण्यै, नमो भेषज-मूर्त्तये।।
सर्वस्य सर्व-व्याधीनां, भिषक्-श्रेष्ठ्यै नमोऽस्तु ते।स्थास्नु-जंगम-सम्भूत-विष-हन्त्र्यै नमोऽस्तु ते।।
संसार-विष-नाशिन्यै, जीवानायै नमोऽस्तु ते।ताप-त्रितय-संहन्त्र्यै, प्राणश्यै ते नमो नमः।।
शन्ति-सन्तान-कारिण्यै, नमस्ते शुद्ध-मूर्त्तये।सर्व-संशुद्धि-कारिण्यै, नमः पापारि-मूर्त्तये।।
भुक्ति-मुक्ति-प्रदायिन्यै, भद्रदायै नमो नमः।भोगोपभोग-दायिन्यै, भोग-वत्यै नमोऽस्तु ते।।
मन्दाकिन्यै नमस्तेऽस्तु, स्वर्गदायै नमो नमः।नमस्त्रैलोक्य-भूषायै, त्रि-पथायै नमो नमः।।
नमस्त्रि-शुक्ल-संस्थायै, क्षमा-वत्यै नमो नमः।त्रि-हुताशन-संस्थायै, तेजो-वत्यै नमो नमः।।
नन्दायै लिंग-धारिण्यै, सुधा-धारात्मने नमः।नमस्ते विश्व-मुख्यायै, रेवत्यै ते नमो नमः।।
बृहत्यै ते नमस्तेऽस्तु, लोक-धात्र्यै नमोऽस्तु ते।नमस्ते विश्व-मित्रायै, नन्दिन्यै ते नमो नमः।।
पृथ्व्यै शिवामृतायै च, सु-वृषायै नमो नमः।परापर-शताढ्यै, तारायै ते नमो नमः।।
पाश-जाल-निकृन्तिन्यै, अभिन्नायै नमोऽस्तु ते।शान्तायै च वरिष्ठायै, वरदायै नमो नमः।।
उग्रायै सुख-जग्ध्यै च, सञ्जीविन्यै नमोऽस्तु ते।ब्रह्मिष्ठायै-ब्रह्मदायै, दुरितघ्न्यै नमो नमः।।
प्रणतार्ति-प्रभञजिन्यै, जग्मात्रे नमोऽस्तु ते।सर्वापत्-प्रति-पक्षायै, मंगलायै नमो नमः।।
शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे।सर्वस्यार्ति-हरे देवि! नारायणि ! नमोऽस्तु ते।।
निर्लेपायै दुर्ग-हन्त्र्यै, सक्षायै ते नमो नमः।परापर-परायै च, गंगे निर्वाण-दायिनि।।
गंगे ममाऽग्रतो भूया, गंगे मे तिष्ठ पृष्ठतः।गंगे मे पार्श्वयोरेधि, गंगे त्वय्यस्तु मे स्थितिः।।
आदौ त्वमन्ते मध्ये च, सर्व त्वं गांगते शिवे!त्वमेव मूल-प्रकृतिस्त्वं पुमान् पर एव हि।।गंगे त्वं परमात्मा च, शिवस्तुभ्यं नमः शिवे।।
फल-श्रुति
य इदं पठते स्तोत्रं, श्रृणुयाच्छ्रद्धयाऽपि यः।दशधा मुच्यते पापैः, काय-वाक्-चित्त-सम्भवैः।।
रोगस्थो रोगतो मुच्येद्, विपद्भ्यश्च विपद्-युतः।मुच्यते बन्धनाद् बद्धो, भीतो भीतेः प्रमुच्यते।।
