Guru Rashi Parivartan 2021: ज्योतिष शास्त्र में कुल 9 ग्रहों का अध्ययन किया जाता है। ग्रहों का राशि परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व रखता है, क्योंकि जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो इसका असर सभी राशियों पर पड़ता है। आज सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह गुरु, मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। बृहस्तपति ग्रह भाग्य और सम्मान के कारक माने जाते हैं। अब 12 साल बाद गुरु ग्रह अपनी नीच राशि मकर से निकलकर शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे।
इस राशि में गुरु 13 महीने तक गोचर करेंगे। इससे पहले साल 2009 में गुरु ग्रह ने कुंभ राशि में गोचर किया था। आज यानी 20 नवंबर को गुरु 11 बजकर 19 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र के दौरान कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु का यह गोचर कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। इस दौरान उनके सभी बिगड़े काम बन जाएंगे और तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
मेष राशि: गुरु, मेष राशि के नौवें भाव में रहेंगे। इससे मेष राशि के जातकों के धन और ज्ञान में वृद्धि होगी। इस राशि के जातकों को हर काम में सफलता प्राप्त होगी। गुरु के गोचर से मेष राशि के जातक थोड़ी-ही मेहनत में अच्छा फल प्राप्त कर लेते हैं।
मिथुन राशि: गुरु, इस राशि के नौवें भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान मिथुन राशि के जातकों को कहीं से धन लाभ होने की आशंका है। इस राशि के जातक जो भी काम करेंगे, उन्हें उसमें सफलता प्राप्त होगी।
सिंह राशि: गुरु का गोचर इस राशि के जातकों के लिए बेहद ही शुभ माना जा रहा है। तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। गुरु के गोचर से इस राशि में ‘त्रिकोण केंद्र राज योग’ बनेगा, इससे सिंह राशि के लोगों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। इस दौरान आप गंभीर मुद्दों को भी बेहद ही आसानी से सुलझा देंगे।
कन्या राशि: गुरु का गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। व्यवसायिक मामलों में लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस राशि के जातकों को कोई नया प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है।
