दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के आरोप में बुधवार को दाती महाराज को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत भी दे दी गई। बता दें कि बीते दिनों कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें दाती महाराज असोला स्थित शनिधाम मंदिर में भक्तों के साथ पूजा करते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया और न ही किसी ने मास्क लगा रखा था।

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि 22 मई को शनि जयंती के अवसर पर शनिधाम मंदिर के मुख्य पुजारी दाती महाराज ने कुछ अन्य लोगों के साथ शाम साढ़े 7 बजे कार्यक्रम आयोजित किया था। पूरे मामले में पुलिस को जो भी सुबूत मिले थे, वो सभी दाती महाराज के खिलाफ रहे। इसी को लेकर दाती महाराज के खिलाफ महामारी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

कहा जा रहा है कि मंदिर के सामने एक पोस्टर भी चस्पा किया गया था, जिसमें लिखा था कि शनि जयंती महोत्सव पर श्रद्धालु 22 मई को मंदिर में आएं। इस कार्यक्रम से संबंधित जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, उनमें बच्चों से लेकर बूढ़े तक नजर आए। बहुत लोगों के चेहरों पर न तो मास्क था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया।  मिली जानकारी अनुसार लॉकडाउन के दौरान ये कार्यक्रम दाती महाराज ने ही ऑर्गनाइज किया था, जिसकी परमिशन भी नहीं ली गई थी।

बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में चौथे चरण का लॉकडाउन जारी है। इस दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की गई है। जिसके चलते धार्मिक कार्यक्रम और लोगों की भीड़ इकट्ठा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद दिल्ली में इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दाती महाराज के खिलाफ आईपीसी की धारा 188/34, डीडीएमए अधिनियम के 54 बी और महामारी रोग अधिनियम की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया था।