छठ महापर्व 28 अक्टूबर से शुरू हो गया है। इस पर्व में छठी मैया और सूर्य देव की विशेष उपासना की जाती है। साथ ही महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। साथ ही कार्तिक मास की षष्ठी तिथि यानी छठे दिन मनाये जाने के कारण इसे छठ पर्व कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में छठ पूजा के दौरान कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनको करके आप सूर्य दोष से मुक्ति पा सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में…
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव का महत्व
ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है। साथ ही सूर्य ग्रह को सरकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों में उच्च सेवा का कारक माना गया है। वहीं पिता के कारक भी सूर्य देव हैं। अगर कुंडली में सूर्य देव सकारात्मक स्थित हैं तो व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में सफलता मिलती है। साथ ही पिता के साथ संबंध अच्छे रहते हैं।
सूर्य कमजोर होने के लक्षण
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य देव कमजोर या अशुभ स्थित हैं तो उसके अंदर आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। साथ ही पिता और पुत्र के साथ संबंध भी खराब हो सकते हैं। सूर्य देव के अशुभ होने से व्यक्ति को आंखों से जुड़ी दिक्कत, हृदय संबंधी रोग और लीवर संबंधी समस्या हो सकती है। वहीं सूर्य ग्रह के कमजोर स्थित होने से व्यक्ति को सरकारी कामों में असफलता हाथ लगती है।
छठ पूजा के दौरान करें ये उपाय
1- अगर आपकी कुंडली में सूर्य देव अशुभ स्थित हैं तो आप छठ पूजा के दौरान गुड़ और गेंहू का दान कर सकते हैं।
2-सूर्य को अर्घ्य देने से भी कुंडली में सूर्य दोष समाप्त हो जाता है। वहीं अर्घ्य देने के बाद आदित्यह्रदय स्त्रोत का पाठ भी करें।
3- छठ के दौरान अपने सिर से छह नारियल अपने सिर से वार कर किसी जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपको सूर्य दोष से मुक्ति मिल सकती है।
4- छठ पूजा के दौरान सूर्य देव के ढ़ल जाने के बाद पीपल के पेड़ के नीचे चार मुंह वाला दीया जलाएं। ऐसा करने से सूर्य भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
