Selfish Zodiac Sign: ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों का वर्णन मिलता है। इन राशियों में कोई न कोई व्यक्ति जरूर जन्मा होता है। साथ ही इन व्यक्तियों का नेचर एक दूसरे से अलग होता है और इनकी पसंद और ना पसंद भी अलग- अलग होती है। यहां हम आज ऐसी 3 राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनसे जुड़े जातक स्वार्थी माने जाते हैं।

साथ ही ये लोग पहले अपने फायदे के बारे में सोचते हैं। अगर ये एक बार नाराज हो गए तो अपने दोस्तों को भी धोखा देने से पीछे नहीं हटते। इन लोगों के अधिकतर संबंध स्वार्थ से ही जुड़े होते हैं। हालांकि इस नेचर के चलते ये लाइफ में खूब तरक्की भी करते हैं। जानिए ज्योतिष अनुसार मतलबी राशियां कौन सीं हैं।

मिथुन राशि: इस राशि के लोग बातचीत में काफी कुशल माने जाते हैं। साथ ही ये लोग अक्सर उन जगहों पर स्वार्थी बन जाते हैं, जहां इन्हें सबसे ज्यादा फायदा दिखता है। यदि आपने इनसे जरा भी तर्क-वितर्क किया तो ये अपनी दोस्ती तोड़ने में जरा सी भी देरी नहीं करते। इन्हें खुद का सम्मान सबसे ज्यादा प्रिय होता है। ये लोग अपनी खुशी के लिए अपनों को कभी भी धोखा दे सकते हैं। साथ ही ये लोग मनी माइंडेड होते हैं। ये पैसा देखकर दूसरों को सलाम करते हैं। हालांकि इनकी इस आदत की वजह से ये नुकसान और फायदा दोनों उठाते हैं। मिथुन राशि के स्वामी बुध देव हैं जो इनको ये खूबी प्रदान करते हैं.

सिंह राशि: सिंह राशि के लोग हर स्थान पर अपनी वाहवाही चाहते हैं। अगर कोई महफिल में इनके दोस्त की तारीफ हो रही हो और लोग उससे जुड़ना चाहते हो तो यह लोग दोस्त से जलने लगते हैं। साथ ही उससे संबंध भी खराब कर सकते हैं। । ये लोग तरक्की को देखकर सामने वाले को सलाम करते हैं, इन्हें अपना सम्मान बहुत प्यारा होता है। ये लोग स्वभाव से भी मतलबी माना जाता है। ये अपना काम सफल बनाने के लिए कभी भी धोखा दे सकते हैं। ये लोग अपने फायदे की बात पहले सोचते हैं। सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं है, जो इनको ये गुण प्रदान करते हैं।

कन्या राशि: इस राशि के लोग समय देखकर इंसान को सलाम करते हैं। मतलब इंसान का समय अगर अच्छा है तो यह उसको सलाम करते हैं और अगर वह किसी मुसीबत में या परेशानी में है तो यह उसका साथ छोड़ देते हैं। इतना ही नहीं, अपने फायदे के लिए ये लोग किसी का भी लिहाज नहीं करते. हालांकि ये दयावान भी होते हैं। किसी गरीब की मदद करने को हमेशा तैयार रहते हैं। कन्या राशि के स्वामी बुध देव होने के कारण ही इनके अंदर ये गुण होता है।