वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई ग्रह राशि परिवर्तन या किसी अन्य ग्रह के साथ युति बनाता है। तो उसका प्रभाव सभी राशियों के साथ देश- दुनिया पर भी पड़ता है। साथ ही यह युति किसी के लिए शुभ रहती है तो किसी लिए अशुभ। आपको बता दें कि 27 जुलाई को मंगल ग्रह के मेष में गोचर करने से अंगारक योग का निर्माण हुआ था। क्योंकि अभी मेष राशि में ही राहु देव स्थित हैं।

वहीं अब मंगल ग्रह 10 तारीख की रात और 11 की सुबह को वृष राशि में गोचर करने जा रहे हैं। जिसके बाद जिन राशियों पर अंगारक योग का बुरा प्रभाव पड़ रहा था उनको अब इससे मुक्ति मिलने वाली है और इनके अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सीं हैं…

वृष राशि: आपकी गोचर कुंडली में अंगारक योग का निर्माण 12वें स्थान में हो रहा था।जिसे हानि और व्यय का स्थान कहा जाता है। इसलिए इस दौरान आपके खर्चे बढ़े हुए थे उसमें आपको रिलीफ मिलेगा। साथ ही इस समय आप धन जोड़ने में कामयाब रहेंगे। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। व्यापार में कोई नई डील फाइनल कर सकते हैं जिससे आपको अच्छा धनलाभ हो सकता है। शत्रुओं पर आप विजय पाएंगे आपके साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी।

तुला राशि: अंगारक योग समाप्त होने से आप लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। क्योंकि आप लोगों की गोचर कुंडली से अंगारक योग पंचम भाव में बना हुआ था। जिसे उच्च शिक्षा और लव मेरिज का स्थान कहा जाता है। इसलिए इस समय आपको प्रेम- प्रसंगों में असफलता मिल रही थी उसमें सफलता मिलेगी। अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। या फिर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा में एडमिशन ले सकते हैं। इस समय आपको संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। संतान प्राप्ति के भी योग बने हुए हैं।

सिंह राशि: आपकी गोचर कुंडली में अंगारक योग का निर्माण नवम भाव में हुआ था। जिसे भाग्य और विदेश यात्रा का स्थान माना गया है। इसलिए अंगारक योग के समाप्त होने से अब आपको किस्मत का साथ मिलेगा। व्यापार में जो गति रुकी हुई थी, उसमें तेजी आएगी। आप व्यापारिक कोई यात्रा भी कर सकते हैं। जिससे आपको अच्छा धनलाभ होगा। बीमारी से मुक्ति मिलेगी।