उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरियाणा से सोनीपत में गुरुवार को किसी का नाम लिए बिना कहा कि तमाम कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उनका यह बयान प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में हुए हालिया विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ऐसे तमाम कालनेमि होंगी जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश कर रहे होंगे। हमें उनसे सावधान रहना होगा, सतर्क रहना होगा।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज भारत एक नई आभा के साथ आगे बढ़ रहा है। दुनिया में जब हलचल है, अराजकता है, अव्यवस्था है, लोग लड़ रहे हैं आपस में, तब भारत शानदार यात्रा के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा आए। यह हमारा दायित्व है कि हम हर उस प्रतीक को सम्मान दें, जिसके लिए हमारी ऋषि मुनियों ने हमें प्रेरित किया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन ने दूसरा नोटिस भेजा
माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या स्नान करने से मेला पुलिस और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर रोके जाने को लेकर जारी विवाद के बीच मेला प्रशासन ने उन्हें दूसरा नोटिस भेजकर पूछा है कि क्यों ना आपकी संस्था को दी जा रही भूमि एवं सुविधाओं को निरस्त कर आपको सदैव के लिए मेले में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाए।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या पर आरक्षित पुल संख्या 2 पर लगे बैरियर को तोड़ते हुए बग्घी पर सवार होकर भीड़ के साथ जा रहे थे। उस समय स्नानार्थियों की अत्यधिक भीड़ थी और केवल पैदल आवागमन की अनुमति थी।
नोटिस के मुताबिक, “इस कृत्य के कारण मेला पुलिस और मेला प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्वामी जी के इस प्रकार प्रवेश से भगदड़ होने और उससे प्रबल जनहानि होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।”
नोटिस में कहा गया है, “आपके (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) इस कृत्य के कारण क्यों ना आपकी संस्था को दी जा रही भूमि एवं सुविधाओं को निरस्त कर आपको सदैव के लिए मेले में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाए।”
इस नोटिस को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने कहा, “अब सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। शंकराचार्य शिविर पंडाल के पीछे प्रशासन ने यह नोटिस चस्पा किया और वह भी पिछली तिथि (18 जनवरी) में और प्रशासन के कर्मचारी द्वारा बताने पर ही हम लोग इस नोटिस के बारे में जान सके।” (इनपुट – ANI / भाषा)
