जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने परिसीमन में जम्मू में सीट बढ़ाने के मसले पर कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया चुनाव आयोग ने सबसे बात करके पूरी की है। उन्होंने कहा कि हिंदू हो या मुसलमान, जो बनेगा मुख्यमंत्री होगा। जम्मू-कश्मीर से आर्किटल 370 को हटाए हुए तीन साल हो गए। इस मौके पर एक न्यूज चैनल से बात करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि इन तीन सालों की कई उपलब्धियां रही हैं। वहीं उनसे पूछा गया कि भविष्य में वह केंद्र में मंत्री बनना चाहेंगे या उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री? इस पर उन्होंने कहा, “न मेरी इच्छा है केंद्र में मंत्री बनने की और न मेरी इच्छा है यूपी का सीएम बनने की।”
आगे राज्यसभा जाना चाहेंगे या चुनाव लड़ना चाहेंगे? एबीपी न्यूज से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने इस सवाल पर कहा, “आज मैं इस बात पर चर्चा नहीं कर पाऊंगा, आज मेरे पास एक दायित्व है और उस दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करना है, अपनी क्षमता से। जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा करके ये जिम्मेदारी दी है, मुझे लगता है कि बेहतर से बेहतर काम करने यहां की आवाम की सेवा कर सकूं और जिन्होंने भरोसा किया, उनके भरोसे को कायम कर सकूं।”
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के तीन साल पूरे होने पर उपराज्यपाल ने कहा,”पहले कई लोगों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पहले लोगों को अधिकार नहीं मिलते थे लेकिन अब मिलते हैं। एक वक्त था जब यहां पर बिना टेंडर के काम होते थे लेकिन अब यहां पारदर्शिता है। 370 हटने के बाद से यहां तेजी से काम हो रहा है।”
कश्मीरी पंडितों के मसले पर क्या कहा?
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने कश्मीरी पंडितों के मसले पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मैं दावा करता हूं आर्टिकल 370 हटने के बाद से कश्मीर में एक भी निर्दोष पर सुरक्षाबलों या पुलिस द्वारा गोली नहीं चलाई गई है।” एलजी ने कहा कि हमारा सिद्धांत है कि बेगुनाह को छेड़ो मत और गुनहगार को छोड़ो मत। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बहुसंख्यकों में भी यह भावना आ गई है कि कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाना चाहिए।
