दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की विशेष टीम ने सीबीएसई प्रश्नपत्र लीक मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक कोचिंग संचालक है, जबकि दो स्कूल के शिक्षक हैं। कोचिंग संचालक की पहचान 26 साल के तौकीर के रूप में हुई है। वहीं, शिक्षकों की पहचान 29 साल के ऋषभ और 26 साल के रोहित के तौर पर हुई है। तौकीर बवाना में ईजी क्लासेज के नाम से कोचिंग सेंटर चलाता है और पास स्थित जेजे कॉलोनी में रहता है। वहीं, रोहित और ऋषभ बवाना में एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। ऋषभ भौतिक विज्ञान जबकि रोहित गणित का शिक्षक है।

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि परीक्षा वाले दिन तौकीर लीक किए गए प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले अपने ट्यूशन के छात्रों के बीच प्रसारित करता था और वे आगे अपने मित्रों में फैला देते थे। उसे लीक किए गए प्रश्नपत्र ऋषभ और रोहित से वाट्सऐप पर मिलते थे। ऋषभ उक्त स्कूल में भौतिक विज्ञान का शिक्षक जबकि रोहित गणित का शिक्षक है। उन्होंने कहा कि पेपर सुबह पौने दस बजे खोले जाते हैं। दोनों शिक्षक उससे 40 मिनट पहले पेपर की फोटो खींचकर उसे वाट्सऐप तौकीर को भेज देते थे जो उसे छात्रों को प्रसारित कर देता था। रोहित तौकीर को पेपर ऋषभ के निर्देश पर भेजता था।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने सीबीएसई की ओर से उसकी शिकायत में मुहैया कराए गए चार वाट्सऐप नंबरों के आधार पर तौकीर पर ध्यान केंद्रित किया। इन नंबरों का इस्तेमाल लीक किए गए प्रश्नपत्र को प्रसारित करने के लिए किया गया। पुलिस ने कहा कि एक छात्र जिसे पेपर मिला था उसका पता लगाया गया और उसने पुलिस को तौकीर तक पहुंचाया जिसे शनिवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि तौकीर ने अपने सहयोगियों की जानकारी साझा की जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों फिलहाल दो दिन की पुलिस हिरासत में हैं जिस दौरान उनसे पैसे के लेनदेन और इस बारे में भी पूछताछ की जाएगी कि क्या उन्होंने अन्य प्रश्नपत्र भी लीक किए हैं। एक निजी स्कूल का एक अन्य शिक्षक पेपर लीक मामले में कथित भूमिका को लेकर जांच के दायरे में हैं और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। हालांकि, पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है कि प्रश्नपत्र कितने रुपए में खरीदा गया था।

पुलिस के अनुसार बवाना स्थित स्कूल में पढ़ाने वाले ऋषभ और रोहित इस पूरे लीक मामले में अहम कड़ी हैं। पुलिस फिलहाल यह भी बताने से बच रही है कि कितने बच्चों को पेपर भेजा गया था और इसके एवज में कितने रुपए की मांग की गई थी। पुलिस का कहना है कि इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। दोनों शिक्षक मुंगेशपुर गांव के मदर खजानी कान्वेंट स्कूल में पढ़ाते हैं। पुलिस टीम ने बाहरी दिल्ली के स्कूल की सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को भी जब्त किए हैं। पूछताछ में पता चला कि उक्त स्कूल ने अपना नाम चमकाने के लिए प्रश्नपत्र अपने छात्रों को दिया। उन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले सुबह नौ बजे स्कूल में बुलाया गया था, जहां से उन्हें यह प्रश्नपत्र दिया गया।

ए-फोर आकार के कागज पर प्रिंट होकर मिलेगा प्रश्नपत्र

प्रश्नपत्र लीक से परेशान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सोमवार से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए नई प्रक्रिया का उपयोग करेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर ही ए-फोर कागज पर प्रिंट किए गए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। ये प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही केंद्र पर पहुंचेगा। बोर्ड की ओर से दिल्ली के परीक्षा केंद्रों को कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, उच्च गति का इंटरनेट और ए-फोर आकार के कागजों का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देश भेजे जा चुके हैं। निर्देश में परीक्षा केंद्रों को एक सुरक्षित कमरे का भी इंतजाम करने के लिए कहा गया है ताकि वहां पर प्रश्नपत्रों के प्रिंटआउट निकाले जा सकें। इस कमरे में सीसीटीवी कैमरे भी लगाने के लिए कहा गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।

सूत्रों के मुताबिक नई प्रक्रिया के तहत प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र पर ही सीबीएसई की वेबसाइट से डाउनलोड किया जाएगा, जो डाउनलोड करने के बाद उपलब्ध कराए गए पासवर्ड से खुलेगा। इसके बाद प्रश्नपत्र के ए-फोर कागज पर जरूरत के हिसाब से प्रिंटआउट निकाले जाएंगे। इसके लिए पर्याप्त संख्या में ए-फोर शीट का इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इसके बाद परीक्षा के समय इन प्रश्नपत्रों को विद्यार्थियों को हल करने के लिए दिया जाएगा। बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र में केंद्र पर्यवेक्षक के अलावा किसी को भी मोबाइल या संचार के अन्य उपकरण ले जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस प्रक्रिया को सही तरह और सुरक्षा के साथ पूरा कराने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षक की होगी। इसके अलावा बोर्ड की ओर से केंद्र के पर्यवेक्षक को निर्देश दिया गया है कि यदि उनके यहां ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो तो रविवार को ही किराए पर लेकर इन सभी उपकरणों का इंतजाम करें और इस संबंध में बोर्ड को भी अवगत कराएं।