नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हो गया है। अब कृष्णा करुणेश नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) होंगे। उनकी नियुक्ति कर दी गई है। अभी तक यह जिम्मेदारी लोकेश एम. निभा रहे थे, लेकिन युवराज मेहता की मौत के बाद से ही उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है।

कृष्णा करुणेश अभी तक नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनात थे। वह 2011 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। जानकारी के मुताबिक, कृष्णा करुणेश मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और अपने करियर में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह कुछ समय तक गोरखपुर की जिलाधिकारी (DM) भी रह चुके हैं। इसके अलावा कुशीनगर में जॉइंट मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद में एसडीएम और सीडीओ के पद पर भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। हापुड़ और बलरामपुर जैसे जिलों में भी वह वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

जानकारों के मुताबिक, कृष्णा करुणेश का काम करने का अपना सख्त और स्पष्ट तरीका है। वर्ष 2022 में, गोरखपुर की डीएम रहते हुए उन्होंने लापरवाही के आरोप में नौ लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उनकी यह कार्रवाई उस समय सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहे थे। उत्तर प्रदेश में तेज-तर्रार आईएएस अधिकारियों की बात होती है, तो कृष्णा करुणेश का नाम जरूर लिया जाता है। उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने एमए किया है और उनके पास एलएलबी की डिग्री भी है।

युवराज मेहता मामले की बात करें तो 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की नोएडा के सेक्टर-150 में दर्दनाक मौत हो गई थी। देर रात उनकी गाड़ी रेलिंग तोड़कर नीचे गिर गई। बताया जाता है कि उन्होंने खुद को बचाने की काफी कोशिश की और कई घंटों तक रेस्क्यू का इंतजार किया, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद यूपी सरकार भी सवालों के घेरे में आ गई थी और कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।

इसी कड़ी में अब नोएडा प्राधिकरण को नया सीईओ मिल गया है। फिलहाल, कृष्णा करुणेश ने अपनी नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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