उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर रविवार यानी 5 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मुगलसराय जंक्शन के नए नाम पर से परदा हटाया। इस कार्यक्रम में अमित शाह के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के नेता और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होने की खबरें तो सामने आई ही थीं, लेकिन अब एक अन्य खबर सामने आ रही है।
पत्रिका के मुताबिक चंदौली के इस कार्यक्रम में दरोगा ने आरोप लगाया है कि यादव होने के कारण कार्यक्रम में उसके साथ कुछ लोगों ने बदतमीजी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक दरोगा प्रमोद कुमार यादव ने वीआईपी मेहमानों वाली जगह पर खड़े कुछ लोगों को जब हटने को कहा तब उन लोगों ने दरोगा से कहा कि वह यादव है और अब उनकी सरकार नहीं है। समाजवादी पार्टी की फायरब्रांड नेता पंखुड़ी पाठक ने वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं के ऊपर दरोगा का अपमान करने का आरोप लगाया है।
पंखुड़ी पाठक ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश डीजीपी, यूपी पुलिस, क्या आपके पुलिसकर्मियों को सत्तारुढ़ पार्टी के ‘सड़कछाप गुंडे’ इसी तरह परेशान करते रहेंगे? क्या कास्ट के नाम पर लोकल पार्टी वर्कर्स पुलिस को परेशान करते रहेंगे? अगर पुलिस को ही इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है तो हम उनसे ये उम्मीद कैसे रख सकते हैं कि वे अपराधियों और गुंडों से हमारी रक्षा करेंगे?’
@dgpup @Uppolice will your personnel be treated like this by ‘sadakchaap gundas’ of the ruling party ?
Will cops be harassed by local party workers in the name of cast ?
If the cops are facing this, how do we expect you to protect the public from these goons & criminals? pic.twitter.com/ZfbEYzSTZj— Pankhuri Pathak (@pankhuripathak) August 6, 2018
सपा नेता द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दरोगा कहते हैं, ‘मेरा नाम प्रमोद कुमार यादव है और मैं जौनपुर से ड्यूटी पर आया था। मैं आदेश का पालन करते हुए वालंटियर को साथ में लेकर यहीं खड़ा था, तो दो-तीन आदमी आए, मैंने कहा कि भाई यहां से हट जाओ, उधर चले जाओ, तो उन लोगों ने कहा कि तुम यादव हो, तुम्हारी सरकार नहीं है, मैं यहीं खड़ा रहूंगा। मुझे पकड़कर कहा कि यादव जी मैं नहीं जाऊंगा यहां से। मैंने फिर वालंटियर से कहा तो उन लोगों ने हटाया। अगर ऐसा है तो यही अच्छा रहेगा कि हम यादव हैं तो हमारी ड्यूटी ही न लगाई जाए।’

