पश्चिमी बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पुलिस पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ “झूठे” मामले दर्ज करने का आरोप लगाया है। वहीं उन्होंने पुलिस वालों को “उनकी वर्दी उतरवाने” तक की धमकी दी है। बीरभूम जिले के रामपुरहाट में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए घोष ने कहा, “आप हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रहे हैं। एक दिन आएगा जब हम आपकी वर्दी उतारेंगे। हम सब कुछ लिख रहे हैं। हम उन पैसों का भी हिसाब रख रहे हैं जो अदालतों में ऐसे मामलों से लड़ने के लिए खर्च किए गए हैं। एक बार जब हम यहां सत्ता में आएंगे तो हम उन सभी अधिकारियों का पता लगाएंगे जिन्होंने हमारे खिलाफ झूठे मुकदमे लगाए थे। उन्हें अपनी जेब से हमें भुगतान करना होगा। पार्टी बीरभूम से अपनी रथयात्रा निकालने वाली थी। हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने रथ यात्रा पर रोक लगा दी, जिसके बाद पार्टी ने एक सभा की थी।”

बैठक के दौरान घोष ने अपनी रथ यात्रा को रोकने के लिए राज्य सरकार पर तीखा हमला भी किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है। विपक्ष के पास सार्वजनिक सभाएं और रैलियां आयोजित करने की स्वतंत्रता नहीं है। प्रशासन ऐसी गतिविधियों के लिए अनुमति प्रदान नहीं करता है। हमने इन मुद्दों को उठाने के लिए गणतंत्र बचाओ यात्रा निकालने का फैसला किया लेकिन राज्य सरकार ने इसे रोकने के लिए दिन रात प्रयास किए। राज्य सरकार ने हमारी रथयात्रा को रोकने के लिए अदालत में दिल्ली से भी वकीलों को बुलाया। वे बीजेपी बढ़ते कद को देखकर डरे हुए हैं। यही कारण है कि वे हमारी आवाज को दबाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मोंडल पर निशाना साधते हुए, भाजपा नेता ने कहा, “जब भी मैं बीरभूम आता हूं, एक मोटे व्यक्ति (मोंडल) का बड़ा कट-आउट हमें शुभकामना देता है। वह यहां एक बहुत लोकप्रिय नेता हैं और बड़े बयान देते हैं। हालांकि, हम उन्हें दिखाएंगे कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया जाता है, तो बीजेपी क्या करने में सक्षम है। घोष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, मोंडल ने कहा, “वह मानसिक रूप से अस्थिर हैं और इस तरह की भाषा बोल रहे हैं। हम उनकी बातों को ज्यादा महत्व नहीं देते। अगर उनके पास हिम्मत है तो वह हमारे कार्यकर्ताओं को यहां चुनौती देने की हिम्मत करें।