पश्चिम बंगाल में निकाय चुनावों को लेकर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच घमासान जारी है। बीजेपी ने 108 वार्डों पर वोटिंग को रद्द करने की मांग करते हुए फिर से चुनाव कराने की मांग की है। वहीं बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने इस मामले को लेकर राज्य के चुनाव आयुक्त को तलब किया है।
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने रविवार को राज्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता का हवाला देते हुए 108 नगर पालिकाओं के चुनावों को रद्द करने की मांग की है। पत्र में लिखा गया है- “जैसा कि आप जानते हैं, पश्चिम बंगाल ने आज यानी 27 फरवरी, 2022 को मतदान वाली सभी 108 नगरपालिकाओं में अभूतपूर्व हिंसा, हमले, आगजनी और कानून और व्यवस्था तंत्र की पूर्ण विफलता देखी। हिंसा को गुंडों, असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाया गया था। पत्र में कहा गया है कि इसमें सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ चुनाव अधिकारियों सहित पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी है”।
भाजपा ने आगे आरोप लगाया कि उसके उम्मीदवारों और पोलिंग एजेंटों पर कई जगहों पर हमला किया गया, उन्हें धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई है। वहीं हिंसा की खबरों के बाद बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य चुनाव आयुक्त को तलब किया है। राजभवन की ओर से बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य चुनाव आयुक्त को कल सुबह 10 बजे से पहले किसी भी समय नगर निगम चुनावों में हिंसा और अराजकता वाले खतरनाक इनपुट के मद्देनजर बुलाया है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की 108 नगरपालिकाओं में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वार्ड प्रतिनिधियों और महापौरों के चुनाव के लिए मतदान हुआ। कुछ क्षेत्रों से हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं, जबकि एक भाजपा उम्मीदवार पर कथित रूप से हमले की भी खबर है।
वहीं विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से हुए लगभग सभी चुनावों में बीजेपी को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है। ये निकाय चुनाव उसके लिए संजीवनी की तरह काम कर सकते हैं, लेकिन तब जब जीत हासिल हो। पिछले कई जिलों के निकाय चुनावों में बीजेपी को करारी हार मिल चुकी है।
