उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नगर पालिका परिषद प्रशासन ने समाजवादी पार्टी को नोटिस जारी कर जमीन का अलॉटमेंट रद्द होने का हवाला देते हुए 15 दिनों के अंदर अपना जिला कार्यालय खाली करने का निर्देश दिया है।
नगर पालिका परिषद के अनुसार, 15 जनवरी 2005 को समाजवादी पार्टी को 3,000 वर्ग फीट जमीन अलॉट की गई थी। इसका किराया 100 रुपये प्रति वर्ष निर्धारित किया गया था।
पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि उसी साल चार महीने बाद यह अलॉटमेंट नियमों का पालन न किए जाने की वजह से कैंसिल कर दिया गया था। नगर पालिका परिष्द के नोटिस में कहा गया है कि क्योंकि अलॉटमेंट कैंसिल हो गया था, इसलिए जगह का इस्तेमाल जारी रखना नियमों के खिलाफ है।
‘टाउन हॉल पब्लिक प्रॉपर्टी’
इस बारे में जब पीटीआई ने नगरपालिका के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वैभव त्रिपाठी से बात की तो उन्होंने कहा, “टाउन हॉल पब्लिक प्रॉपर्टी है और किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगरपालिका इसे पब्लिक के फायदे के लिए इसके असली रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।”
हालांकि सपा के जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव ने इस नोटिस को ‘अवैध’ बताया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास वैध लीज है। पीटीआई से उन्होंने कहा, “हमें पहले जानकारी नहीं दी गई। नोटिस 7 जनवरी को देर से चिपकाया गया था। हम सीनियर नेताओं को जानकारी देने के बाद कानूनी जवाब देंगे।”
‘BJP के कई ऑफिस सरकारी जमीन पर’
पूर्व सपा विधायक और पार्टी के नेशनल सेक्रेटरी अनूप गुप्ता ने चुनिंदा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा, “BJP के कई ऑफिस सरकारी जमीन पर हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। हम कानूनी सलाह के बाद जवाब देंगे।”
बीजेपी जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा, “अगर किसी चीज पर अवैध कब्जा है, तो उसे खाली कराया जाना चाहिए। नोटिस सही प्रक्रिया के बाद दिया गया है।” बीजेपी प्रवक्ता एस एन सिंह ने कहा, “नोटिस नगर पालिका ने जारी किया है और यह पूरी तरह से कानूनी है।”
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