बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन को दिल्ली की सीमा के बाहर इकलौते इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन के तौर पर विकसित जा रहा है। खास बात यह भी है कि मेट्रो के तीन चरण पूरे होने के बाद भी अब तक दिल्ली के बाहर किसी मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज के तौर पर विकसित नहीं किया जा सका था। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि बॉटेनिकल के इंटरचेंज के रूप में विकसित होने का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। जो अगामी महीनों में दक्षिणी व पूर्वी दिल्ली सहित नोएडा व गाजियाबाद के लिए राजीव चौक की तरह बड़े इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन की तरह उपयोग किया जा सकेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का कहना है कि इस साल के अंत तक तीसरे चरण का काम पूरा करना है। फिलहाल तीसरे चरण को दिसंबर तक पूरा होने के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं। इसी महत्त्वाकांक्षी चरण का एक अहम हिस्सा बॉटेनिकल गार्डेन को इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन के तौर पर विकसित करना भी था।
मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि अभी बॉटेनिकल गॉर्डेन मेट्रो स्टेशन से रोजना 14 हजार से अधिक लोग सफर करते हैं। लेकिन प्रोजेक्ट के पूरा होते ही इस साल के अंत तक सिर्फ बॉटेनिकल गार्डेन से करीब एक लाख लोग सफर करने लगेंगे। फिलहाल, इस मेट्रो स्टेशन का सीधा संपर्क द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा लाइन और जनकपुरी वेस्ट से बॉटेनिकल गार्डेन कॉरिडोर का है। लेकिन ग्रेटर नोएडा और सेक्टर-62 की तरफ जाने वाली मेट्रो लाइनों को इस इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन का फायदा मिलेगा। जिससे दिल्ली और नोएडा सीमा पर मेट्रो क्षमता बढ़ जाएगी। नोएडा में इस मेट्रो स्टेशन का जुड़ाव व उपयोग बढ़ने से पहली बार नोएडा में रहने वाले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे के संपर्क में सीधे आ जाएंगे। नोएडा से घरेलू टर्मिनल तक पहुंचने में 40 मिनट लगेगा। वहीं अधिकारियों ने बताया कि बॉटेनिकल के आसपास खाली जमीन की पर्याप्तता होने से यहां करीब 1420 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की मेट्रो पार्किंग विकसित की गई है। जो भी मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी सौगात होगी।

