समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किए गए राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि पार्टी से निष्कासित होने के बाद भी वह खुद को समाजवादी पार्टी का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा “लोग अगर समझते हैं कि मेरे साथ अन्याय हुआ है तो मेरे साथ इंसाफ करें और अगर नहीं लगता तो ना करें। मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे कभी कोई लालच नहीं रहा।” उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई। उन्होंने कहा, “मैं अगर मंत्री बनना चाहता तो न्यूक्लियर डील के वक्त दिल्ली में मंत्री बनता। लेकिन मैने नेता जी (मुलायम सिंह) से साफ मना कर दिया कि मैं मिनिस्टर नहीं बन सकता।”
रामगोपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि जब उन्हें कोई लालच नहीं था फिर भी उनपर बेइमानी के आरोप लगाए गए, इससे ज्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। शिवपाल यादव पर भड़ास निकालते हुए रामगोपाल ने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे पर जमकर मनमानी हो रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी से कई नेताओं को असंवैधानिक तरीके से निकाला गया। रामगोपाल यादव ने कहा कि विधायकों और सांसदों की मांग है कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के टिकट बंटवारा नहीं किया जाए। अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाए और निकाले गए सभी पार्टी नेताओं को वापस बुलाया जाए।
इससे पहले रविवार को रामगोपाल यादव ने देश में 500 और 1000 रुपए के बड़े नोट को बंद करने के फैसले पर पीएम मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था ग्रामीण लोगों और खासकर महिलाओं को परेशानी हो रही है। महिलाओं को अपनी बचत गंवानी पड़ रही है। उन्होंने कहा था कि इस फैसले को लागू करने से पहले उचित व्यवस्था नहीं की गई और लोगों की मेहनत की कमाई को उनसे दूर किया जा रहा है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने 23 अक्तूबर को पार्टी महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को घरेलू कलह के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। रामगोपाल यादव पर आरोप था कि वह पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।
I still believe myself to be part of SP, even if I am not operating officially: Ramgopal Yadav pic.twitter.com/Dk00V0Ku8E
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 14, 2016
#WATCH Ramgopal Yadav breaks down, says “Agar log samjhte hai ke mere sath annay hua hai to mere saath insaaf kare. Mein lalchi nhi hu” pic.twitter.com/IPjQJJhlTq
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 14, 2016
