केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के दलित नेता रामदास अठावले ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी आरपीआइ-ए और भाजपा के बीच गठबंधन की वकालत करते हुए दावा किया कि अगर वे साथ चुनाव लड़ते हैं तो सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा और आरपीआइ-ए एक साथ चुनाव लड़ते हैं तो यह मायावती के लिए बड़ा झटका होगा। इस समय जो दलित वोट मायावती के साथ हैं, वे एक समय आरपीआइ के साथ थे। जब चरण सिंह 1967 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे तो 16 विधायक आरपीआइ के चुनाव चिह्न पर जीते थे। अठावले ने कहा- अब मुझे देखना होगा कि दलित वोटों का कितना हिस्सा हमसे जुड़ा था।
मैं राज्य में एक चौथाई दलित वोट दिलाने की कोशिश करूंगा और अगर भाजपा और आरपीआइ-ए साथ आते हैं तो वे अगली सरकार बनाएंगे। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जहां आरपीआइ-ए की मौजूदगी फिलहाल नगण्य है। उधर पिछले करीब 14 साल से राज्य की सत्ता से बाहर चल रही भाजपा एक समय अपने मजबूत गढ़ रहे इस प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए भरसक प्रयास कर रही है।
