उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक गौशाला से गायों के अवशेष मिलने के बाद हंगामा हो गया। गोरक्षकों ने इसके खिलाफ सड़क जाम कर दी। शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल गौशाला के प्रभारी समेत 3 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। खबर के अनुसार, शाहजहांपुर के चौक कोतवाली के मधईटोला गौशाला की यह घटना है। यह गौशाला नगरपालिका द्वारा संचालित की जाती है। आरोप है कि गौशाला में गाय के अवशेष पाए गए हैं। जैसे ही इसका सूचना लोगों को लगी तो वहां लोग इकट्ठा होने शुरु हो गए। मौके पर गौरक्षकों का दल भी पहुंच गया।
इसके बाद गौरक्षकों के नेतृत्व में गुस्साए लोगों ने सड़क जाम करते हुए हंगामा कर दिया। जैसे ही पुलिस प्रशासन को हंगामे की खबर मिली, शीर्ष अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गौरक्षक दल के उपाध्यक्ष का आरोप है कि इस गौशाला में गौकशी का धन्धा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गौशाला में लगभग 550 गायें थीं, मगर आज सिर्फ 150 ही बची हैं। वहीं जिलाधिकारी ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल गौशाला के प्रभारी समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। गौशाला प्रभारी और मामले में लापरवाही बरतने के लिए चौकी प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि बीते साल बुलंदशहर में गोकशी की घटना को लेकर काफी बवाल हुआ था। जिसमें एक पुलिस अधिकारी समेत 2 लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल बुलंदशहर के स्याना इलाके में एक खेत में गायों के अवशेष मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। इसके विरोध में लोगों ने गौरक्षकों के नेतृत्व में जाम लगा दिया था। जब पुलिस जाम खुलवाने के लिए पहुंची तो वहां हिंसा भड़क गई। इस दौरान फायरिंग भी हुई, जिसमें एक स्थानीय युवक की मौत हो गई। वहीं गुस्साई भीड़ ने एक पुलिस अधिकारी की भी हत्या कर दी थी। इसके साथ ही पुलिस चौकी पर भी हमला किया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी थी।

