उत्तर प्रदेश के रायबरेली में स्थित एक गौशाला में पानी और चारे के अभाव में 40 मवेशियों के मरने की खबर है। पिछले 15 दिनों में इन 40 मवेशियों की मौत हुई है। गौशाला में अव्यवस्था का ये आलम है कि मवेशियों के शवों को हटाने की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे गौशाला में बीमारियों के फैलने का खतरा बन गया है। वहीं घटना के सामने आने के बाद डीएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एनबीटी की एक खबर के अनुसार, रायबरेली में महाराजगंज रोड स्थित त्रिपुला चौकी के पास बने कान्हा गोवंश में 500 मवेशियों के रहने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 दिनों के दौरान भूख से तड़प-तड़पकर 40 मवेशियों की मौत हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में मवेशियों के लिए चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बीते एक हफ्ते में ही 24 मवेशी मर चुके हैं। वहीं 60 से ज्यादा मवेशियों की हालत भी खराब है। वहीं मामला सामने आने के बाद डीएम ने एडीएम, एसडीएम और चिकित्साधिकारियों की टीम घटना स्थल पर भेजी है और टीम ने मामले की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि गौशाला में गंदे पानी की वजह से संक्रमण फैला है। फिलहाल पशुओं के इलाज की व्यवस्था कर दी गई है। वहीं डीएम का कहना है कि गौशाला में चारे की पर्याप्त व्यवस्था है, कुछ कमियां मिली हैं। मामले की जांच की जा रही है।

बता दें कि बीते माह ही उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक गौशाला में 2 माह के दौरान ही करीब 200 गायों के मरने का मामला सामने आया था। वहां भी गायों के मरने की वजह पर्याप्त चारे का इंतजाम ना होना और बीमारी को बताया गया था। ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) द्वारा इस गौशाला की शुरुआत की गई थी और इसे एनजीओ GoRas Foundation के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। इसी तरह बीते साल दिल्ली के छावला इलाके में स्थित एक गौशाला में भी 2 दिन के भीतर 36 गायों की मौत का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था।