पूरे देश में गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन इस बीच यूपी के शाहजहांपुर से स्वतंत्रता सेनानी महेश नाथ मिश्रा की बेटी राजेश्वरी शुक्ला का दर्द छलक उठा। गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई बुजुर्ग राजेश्वरी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने देश के लिए कुर्बानी दी थी लेकिन आज उनकी बेटी ठोकरें खा रही है।
बता दें की शाहजहांपुर में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि राजेश्वरी शुक्ला पहुंची थी। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए सरकारी उपेक्षा से परेशान राजेश्वरी शुक्ला की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता महेश नाथ मिश्रा स्वतंत्रता सेनानी थे। मुझे अपने पति से अलग हुए 40 साल हो गए। मुझे पिता की पेंशन मिलनी चाहिए। अधिकारी ने कहा कि विवाह हो गया है लेकिन मैं आश्रित हूं, उनकी पेंशन पर मेरा हक है। अंग्रेजों ने मेरे पिता के हाथ काट दिए थे। मेरे पिता बिना हाथ के थे। जिन्होंने शहीदी, कुर्बानी दी उनकी बेटी दर-दर की ठाकरें खा रही है।’
#WATCH: Rajeshwari Shukla, daughter of Mahesh Nath Mishra – a freedom fighter – breaks down during Republic Day celebration in Shahjahanpur, says she is not getting any help from the govt. She says "Jin'ne apni shaheedi, apni kurbani di unki beti aaj thokrein kha rahi hai." pic.twitter.com/yJKejIOegm
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) January 26, 2019
बुजुर्ग राजेश्वरी शुक्ला ने रोते हुए बताया, ‘देखिए मैं फुटपाथ में, तिरपाल में रहती हूं क्यों? ऐसा क्यों हो रहा है? चालीस साल हो गए मुझे यहां झंडा फहराते हुए, अबकी तो हमें फूल भी नहीं दिया डीएम साहब ने। वैसे चादरें मिलती थीं मुझे, सम्मानित करते थे अबकी कुछ नहीं। कौशल अधिकारी ने हमारी पेंशन कटवा दी। कहा मैं शादीशुदा हूं। हां, मैं शादीशुदा तो हूं लेकिन 40 साल पहले पति से अलग हो चुकी हूं। वह फैक्ट्री में जीएम था..मुझसे अलग हो गया।’
इसके बाद न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए जिला मजिस्ट्रेट अमृत त्रिपाठी ने कहा, ‘मुझे पता चला कि महिला को काफी सालों से सरकार से मदद नहीं मिल रही है।’ फिलहाल बुजुर्ग महिला को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

