उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यपाल भवन का नाम बदलकर ‘जन भवन’ रखने का फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर के राज्यपालों को पत्र लिखकर राज्यपाल भवन का नाम ‘राजभवन’ से बदलकर ‘लोक भवन’ करने का सुझाव दिया था। इसके लगभग दो महीने बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने राज्यपाल भवन का नाम बदलकर ‘जन भवन’ रखने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि कई राज्यों ने पहले ही अपने राजभवनों का नाम बदलकर लोक भवन कर दिया है। उत्तर प्रदेश में, विधानसभा के सामने स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों वाली इमारत को पहले से ही लोक भवन कहा जाता है। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भवन का नाम जन भवन रखने का निर्णय लिया गया।

राज्यपाल भवन से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “राज्यपालों के आधिकारिक आवासों के नामों के मानकीकरण के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के आधिकारिक आवास का नाम बदल दिया गया है।” बयान में आगे कहा गया, “राज्यपाल का आधिकारिक निवास, जिसे पहले ‘राजभवन’ के नाम से जाना जाता था अब ‘जनभवन’ कहलाएगा। उक्त निर्देशों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के आधिकारिक निवास को तत्काल प्रभाव से सभी आधिकारिक और कानूनी उद्देश्यों के लिए जनभवन के रूप में नामित और संदर्भित किया जाएगा।”

नवंबर 2025 में, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यपालों को पत्र लिखकर राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन करने का सुझाव दिया था। मंत्रालय ने इसके पीछे तर्क दिया था कि राजभवन औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है।

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उत्तर प्रदेश दिवस पर नुक्कड़ नाटक

उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इसका उद्देश्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को एक सरल, प्रभावी और संवादात्मक माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना है।

बयान के मुताबिक, प्रदेश के सभी 18 मंडलों के अंतर्गत चयनित जनपदों में यह अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक मंडल में तीन-तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा जिससे कुल 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। इन नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूकता, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

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(भाषा के इनपुट के साथ)