उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सैद नागली पुलिस थाने में 9 दिसंबर को एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति, रिश्तेदारों और मौलवियों ने उसके साथ हलाला के बहाने सामूहिक दुष्कर्म किया है, जिससे उसे पति के साथ दोबारा रहने को मिल सके।

पुलिस ने मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) एक्ट,2029 के तहत यौन हिंसा, जबरदस्ती और बाल शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज किया है।

महिला के साथ कई बार ‘हलाला’

एफआईआर के मुताबिक, महिला ने पुलिस को बताया कि उसे पति ने तीन तलाक दे दिया था, जिसके बाद वह फिर अपने पति के साथ रहना चाहती थी और इसलिए वह अपने पति के साथ एक मौलवी के पास गई, जहां उसे मौलवी ने बताया कि उसका दो बार तलाक हुआ है इसलिए उसे दो बार हलाला प्रक्रिया से गुजरना होगा। महिला भोलेपन में उनकी बातों में आ गई। हालांकि बाद में उसे धोखे से सामूहिक दुष्कर्म का एहसास हुआ।

अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया यौन हिंसा के समान थी, आगे कहा कि हलाला के झूठे बहाने से उसके साथ कई लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और यह सब धमकियों, डरा-धमकाने और दबाव के जरिए किया गया।

पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया एफआईआर

पुलिस ने 2019 की तीन तलाक कानून की धारा 3 और 4 के साथ-साथ बीएनएस की धारा में रेप, गंभीर चोट, आपराधिक धमकी और साजिश संबंधित कई प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है। शुरुआत में एफआईआर में तीन आरोपी- महिला का पति, उसका चचेरा भाई और एक हकीम था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और भी आरोपियों के नाम जोड़े गए।

पुलिस ने बताया कि पति को मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएचओ विकास सहरावत ने कहा, महिला की लिखित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की कार्रवाई पुख्ता सबूतों और पुष्टि के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

कई सालों से हो रहा दुर्व्यवहार

टीओआई की खबर के मुताबिक, एफआईआर में महिला के साथ करीब एक दशक से चल रहे कथित दुर्व्यवहार का जिक्र है। महिला ने पुलिस को बताया कि 2015 में 15 साल की उम्र में उसका जबरन निकाह करा दिया गया, 2016 और फिर 2021 में उसे तुरंत तीन तलाक दे दिए गए और हलाला के जरिए तीन बार सुलह कराने के लिए उसे मजबूर किया गया।

2016 में पहले तलाक के बाद, उसने आरोप लगाया कि उसे बताया गया था कि वह हलाला के बाद ही अपने पति के पास जा सकती है।

फरवरी 2025 में महिला से फिर कहा गया कि यह प्रक्रिया दो बार दोहराई जानी होगी क्योंकि निकाह दो बार टूट चुका है। कई सालों तक अकेले बच्चों को पालने और आर्थिक तंगी से टूट चुकी महिला ने एक बार फिर इन बातों पर भरोसा कर लिया कि उसका निकाह दोबारा पति से हो जाएगा। पर समय बीतने के साथ उसे एहसास हुआ कि उसके साथ गलत हुआ है।

दादा रह चुके हैं डीएसपी

महिला एक सामाजिक इज्जतदार घराने से तालुक रखती है। उसके दादा यूपी पुलिस के डीएसपी रह चुके हैं और पिता एक वकील हैं। साथ ही वह खुद अलीगढ़ के एक नामी स्कूल की छात्रा रह चुकी है।

पति के जेल जाने के बाद महिला ने टीओआई से कहा कि वह अपनी छोटी बेटी के लिए संघर्ष कर रही है। हालांकि पति ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि महिला और उसके रिश्तेदार उसे परेशान कर रहे और धमकी दे रहे।

क्या है हलाला?

मुस्लिम निजी कानून के तहत हलाला एक अपवाद है, जो तलाकशुदा दंपति को महिला द्वारा किसी अन्य पुरुष से विवाह करने और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने के बाद उसे तलाक देने पर पुनर्विवाह करने की अनुमति देता है। आगे पढ़िए शौहर ने फोन पर दिया तीन तलाक, गोरखपुर की सानिया ने की खुदकुशी; दहेज की शिकायत पर एक्शन न लेने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड