कांग्रेस ने सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के खिलाफ देशभर में छात्रों की अगुआई में हुए विरोध प्रदर्शन के समर्थन और इन प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिसिया बल प्रयोग के खिलाफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर धरना दिया और सरकार को संविधान की याद दिलाई। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने देश की एकता के लिए सत्याग्रह’ में भाग लिया और संविधान की रक्षा करने का संकल्प लिया।
सत्याग्रह की शुरुआत वंदे मातरम से हुई। फिर सोनिया, मनमोहन और राहुल ने अंग्रेजी भाषा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। बाद में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिंदी और कई अन्य नेताओं ने देश की अलग अलग भाषाओं में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। नागरिकता संशोधन कानून और हालिया विरोध प्रदर्शनों में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की पृष्ठभूमि में मुख्य विपक्षी दल ने सत्याग्रह का आयोजन किया। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ किसी भी प्रदर्शन में राहुल गांधी पहली बार शामिल हुए हैं। वह पिछले दिनों दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह और बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए। सत्याग्रह शुरू करने से पहले राहुल और प्रियंका ने युवाओं, छात्रों और अन्य लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन में शहीद हुए लोगों के नाम पर संकल्प लेते हैं कि वे संविधान की रक्षा करेंगे। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून विरोधी प्रदर्शन के दौरान मारे गए उत्तर प्रदेश के दो युवकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिजनौर का 22 साल का अनस कॉफी की मशीन चलाकर परिवार चलाता और 21 वर्षीय सुलेमान यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसकी मां ने कल मुझसे कहा कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। जो लोग इस आंदोलन में शहीद हुए हैं उन सबके नाम हम संकल्प लें कि हम संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे और इसकी रक्षा करेंगे।
