ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के आतंकी और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि हाफिज सईद आवाम के लिए नासूर है। वह सरासर झूठ बोलता है। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों का वही मास्टरमाइंड है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) तक उसे आतंकी बता चुका है। इस्लाम की दुहाई देने से पहले उसे इसे अच्छे से सीखना चाहिए। ओवैसी की इस टिप्पणी से पहले अमेरिका भी पाकिस्तान पर आतंकी सईद को लेकर भड़का था। अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और उसे उसके जुर्मों के लिए सजा सुनाए। बता दें कि हाफिज सईद जनवरी 2016 से पाकिस्तानी सरकार की हिरासत में नजरबंद था, जिसकी मियाद इसी हफ्ते पूरी हुई थी। गुरुवार आधी रात को उसकी रिहाई हुई, जिसके बाद उसने अपने घर के बाहर भड़काऊ भाषण दिया था। आतंकी ने कहा था, “10 महीनों तक मुझे नजरबंद कर रखा गया, जिससे मैं कश्मीर पर न बोल सकूं। मैं कश्मीरियों के हक की लड़ाई लड़ता हूं। उसके लिए मैं पूरे देश की जनता को जुटाऊंगा।”
ओवैसी ने उसकी रिहाई और इस्लाम के नाम पर हिंदुस्तान में साजिश रचने को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। एक हिंदी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हाफिज सईद आवाम के लिए एक बहुत बड़ा नासूर है। वह बहुत बड़ी तकलीफदेह चीज है। वह झूठ पर झूठ कहता है। यह कहना कि मुस्लिमों और इस्लाम को साथ लेकर आना, तो मैं हाफिज सईद से पूछना चाहता हूं कि जब 26/11 का हमला हुआ, इस्लाम में मासूम लोगों की जान लेना कहां पर लिखा है? 26/11 का तो वह मास्टरमाइंड है। अंतराष्ट्रीय कानून (संयुक्त राष्ट्र) के लिहाज से वह आतंकी करार दिया गया है। उसके संगठन पर भी बैन है। सईद ने इस्लाम को लेकर कोई ठेका नहीं ले रखा है। मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं। पहले उसे इस्लाम सीखना-समझना चाहिए। फिर उसकी बात करनी चाहिए। उसका वजूद मासूमों के खून से भरा हुआ है।”
हिन्दुस्तान में इस्लाम के नाम पर हाफ़िज़ सईद की साज़िश पर @asadowaisi का जवाब#PakKaPaapHafiz pic.twitter.com/OXJmhzBlx6
— Zee News (@ZeeNews) November 24, 2017
ओवैसी के इस बयान से पहले अमेरिका में स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता हेथर नॉर्ट ने इस बाबत कहा, “सईद का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ही सैकड़ों नागरिकों की मौतों के लिए जिम्मेदार है। मुंबई हमले में मृतकों में अमेरिकी नागरिक भी थे। पाकिस्तानी सरकार को उसे गिरफ्तार करना चाहिए और उसे उसके जुर्मों के लिए सजा देनी चाहिए।”
