ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी विधानसभा नतीजों की घोषणा से पहले सोमवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के साथ दोपहर के भोजन पर प्रस्तावित एक बैठक के लिए उनके आधिकारिक आवास पर अपनी मोटरसाइिकल से पहुंचे। ओवैसी और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख मंगलवार को नतीजों के बाद संभावित परिदृश्य और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
केसीआर के साथ अपनी बैठक से पहले ओवैसी ने ट्वीट किया था कि वह तेलंगाना के कार्यवाहक और ‘अगले’ मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे हैं।
एआईएमआईएम प्रमुख ने ट्वीट किया, “इंशाअल्लाह, वह अपने दम पर सरकार बनाएंगे और मजलिस उनके साथ खड़ी होगी। राष्ट्र निर्माण के विशाल लक्ष्य के लिए यह हमारा पहला कदम है। पिछली 119 सदस्यीय विधानसभा में एआईएमआईएम के सात सदस्य थे और इस बार पार्टी ने आठ सीटों पर चुनाव लड़ा है, और सभी सीटें हैदराबाद की हैं। राज्य की बाकी सीटों पर उसने टीआरएस को समर्थन किया है।
ओवैसी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि तेलंगाना में अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आई तो एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी को उसी तरह हैदराबाद छोड़कर भागना होगा जिस तरह निजाम भागे थे। हैदराबाद के समीप तांडूर में भाजपा की एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सबको सुरक्षा प्रदान करेगी लेकिन किसी को अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं देगी।
भाजपा नेता ने यह बात ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई के संबंध में कही।
उन्होंने याद दिलाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने किस तरह निजाम (हैदराबाद के तत्कालीन शासक) को भागने पर मजबूर किया था।एक दूसरी जनसभा में संगारेड्डी में आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की राह में कांग्रेस बाधक बनी हुई है। उन्होंने कांग्रेस और सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) दोनों की आलोचना की और कहा कि दोनों अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण कर रहीं हैं।

