भाजपा और शिवसेना के  बीएमसी चुनाव अलग-अलग लड़ने के फैसले पर बिहार के उप- मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को ट्टीट करना महंगा पड़ गया। तेजस्वी यादव ने लिखा,” मोदी जी पहले अपने गठबंधन सहयोगी से ही निपट लें। हिम्मत है तो शिवसेना को जवाब दो।’ इसके बाद तो ट्विटर उनके जवाब में कई यूजर्स ने जवाब दिए। एक यूजर ने लिखा कि,”दूसरे पे इल्जाम लगाने से पहले खुद के गिरेबान check कर लेना चाहिए.. इतने घोटाले हो रहे है… पहले उसको solve करो” वहीं एक दूसरे मे लिखा कि,” सर पहले आप बिहार की हालत सुधार लो।।फिर दूसरे से जबाब मांगना।।क्या कांड किये हो bssc में उसका जबाब दो पहले।।”

बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। एक के बाद एक कई ऐसे फैसले देखने को मिले हैं जिसने दोनों पार्टियों के रिश्तों में दरार साफ देखी जा सकती है। भले ही महाराष्ट्र में शिवसेना की सहयोगी हो लेकिन मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इतना ही नहीं दोनों पार्टियों के नेता एक- दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। कुछ दिन पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि पीएम मोदी को ये कभी नहीं भूलना चाहिए कि उनकी जन्मकुंडली हमारे पास है। उद्धव ने कहा कि क्या पीएम मोदी यह भूल गए कि गोधरा सांप्रदायिक दंगे के बाद वह कैसे बच निकले? यह मेरे दिवंगत पिता बाल ठाकरे की वजह से हुआ, जो हमेशा उनके समर्थन में खड़े रहे।’ हालांकि इन सब बयानों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि शिवसेना के साथ उनके गठबंधन को कोई खतरा नहीं है।

कुछ समय पहले पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर राज्यसभा में संबोधन के दौरान हमला किया था। इस पर शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक लेख छपा जिसके जिसका टाइटल था ‘बाथरूम छाप राजनीति यह टाला जाना चाहिए’ है। इसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे व्‍यक्ति को इस तरह की टिप्‍पणियां नहीं करनी चाहिए। बाथरूम में झुककर देखना किसी को भी शोभा नहीं देता। यह टाला जाना चाहिए।