केंद्रीय वित्त और जहाज-रानी राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन के एक कार्यक्रम में दो दर्जन से भी कम लोग जुटे तो इसका कोपभाजन अधिकारियों को बनना पड़ा। मोदी सरकार के मंत्री राधाकृष्णन ने कम लोगों को देखते हुए मंच पर जाने से मना कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा, ”ग्रामीण हैं नहीं तो किसके लिए मंच पर जाऊं?” वाकया तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले का है। शुक्रवार (26 अक्टूबर) को राधाकृष्णन एक सरकारी कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करने वाले थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राधाकृष्णन के लिए कथित तौर पर 50 लोगों की भीड़ इकट्ठा की गई तब जाकर वह मंच बैठे। एएनआई ने राधाकृष्णन का एक वीडियो भी ट्वीट किया जिसमें वह स्थानीय भाषा में अधिकारियों से नाराजगी जाहिर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राधाकृष्णन वहां परिवार कल्याण केंद्र का उद्घाटन करने वाले थे। कार्यक्रम में महज 20 लोग जुटे थे। लोगों की इतनी कम मौजूदगी को देखते हुए राधाकृष्णन कथित तौर पर अपना आपा खो बैठे और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की खैर लेने लगे।

अधिकारियों को हड़काने वाली वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वीडियो में नाराज राधाकृष्णन अधिकारियों से कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, ”ग्रामीण कहां हैं? सरकारी अधिकारियों के लिए इस कार्यक्रम में मैं क्यों शामिल होऊं?” मंत्री जी ने कथित तौर पर कहा कि जब तक कि आयोजक और लोगों को नहीं ले आता है तब तक वह मंच पर नहीं जाएंगे। आखिरकार जब आयोजक 50 लोगों को कार्यक्रम में ले आया तब जाकर मंत्री जी ने मंच पर जाकर भाषण दिया।

बता दें कि पी राधाकृष्णन का लंबा राजनीतिक करियर है। वह तमिलनाडु के कन्याकुमारी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद है। राधाकृष्णन एनडीए सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी वह मंत्री रहे थे। अपने राजीनितिक करियर में वह सात बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें दो में उन्हें जीत मिली। 1999 के लोकसभा चुनाव में वह नागरकोइल से चुने गए थे।

पी राधाकृष्णन का वीडियो यहां देखें: