सही बोलने और गलत सुनने की गलती ने कोर्ट में थोड़ा सा हास्यास्पद माहौल बना दिया और यह हुआ न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन के कोर्ट में सुनवाई के दौरान। जाहिर है कि कोरोना काल के चलते कोर्ट की कार्यवाही भी वर्चुअल तौर पर हो रही है जिसमें वकील अपने ऑफिस से ही कोर्ट में जुड़ते है।
अब एक कार्यवाही के दौरान जिसमें न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की नेतृत्व वाली बेंच के सामने वकील बहस कर रहे थे, एक हास्यास्पद किस्सा हुआ। न्यायमूर्ति ने अंग्रेज़ी का शब्द ‘पास्ट’ यानी कि अतीत इस्तेमाल करते हुए वकील से कहा कि – ‘वकील साहब, रंगीन पास्ट है।’
वकील साहब ने पास्ट को गलती से मास्क सुन लिया और उन्हें लगा कि न्यायमूर्ति उनके रंगीन मास्क की बात कर रहे है जो उन्होंने सुनवाई के दौरान लगा रखा है। तो इस बात का जवाब देते हुए वकील साहब ने कहा- ‘जी महोदय, मास्क इसलिए क्योंकि मैं कार्यालय में हूं।’
न्यायमूर्ति नरीमन समझ गए कि वकील साहब ने गलत सुन लिया है और उन्हें पास्ट और मास्क के बीच दुविधा हो गई है। तो न्यायमूर्ति ने एक बार फिर अपनी बात को दोहराते और बेहतर ढंग से समझाते हुए वकील से कहा- ‘मैं आपके मुवक्किल के रंगीन इतिहास की बात कर रहा हूं।’
Lawyer arguing before a Justice RF Nariman led bench.
Justice Nariman: Mr. Counsel, Very colourful past.
Advocate hears "mask".
Says, "Mask because I am sitting in office My lords!"Justice Nariman: We are talking about your clients' colourful past!#SupremeCourt & Covid.
— Live Law (@LiveLawIndia) October 8, 2020
इस वाक़्य को लाइव लॉ नामक ट्विटर हैंडल ने ट्वीट किया है जिसपर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे है और न्यायमूर्ति की तारीफ कर रहे है। एक ट्विटर यूजर से लिखा कि अच्छा लगा यह सुनकर की कोर्ट रूम में भी हल्के फुल्की मस्ती होती रहती है। वहीं,एक और ट्विटर यूजर ने कहा कि न्यायमूर्ति यह एक बढ़िया खेल की तरह लग रहा है।
