लखनऊ की Deputy Commissioner of Police (Traffic), चारू निगम पर उन्हीं के कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि इस कर्मचारी का नाम राजेंद्र शर्मा है। राजेंद्र शर्मा, DCP चारू निगम के स्टेनो हैं। राजेंद्र शर्मा का आरोप है कि चारू निगम ने उन्हें इस कदर हड़काया कि वो बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी हालत खराब हो गई। राजेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ‘उन्होंने मुझे अपने चैम्बर में बुलाया और फिर मुझपर चिल्लाने लगीं और मुझे गालियां देने लगीं…मैं नवर्स हो गया और चक्कर खाकर गिर पड़ा।’

राजेंद्र शर्मा इस वक्त अस्पताल बलरामपुर हॉस्पीटल में एडमिट हैं और उनका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले पर अब Joint Commissioner of Police (Law and Order), नवीन अरोड़ा ने कहा है कि राजेंद्र शर्मा पर भ्रष्टाचार के कुछ आरोप लगे हैं। इन्हीं से संबंधित कुछ सवाल पूछने के लिए चारू निगम ने राजेंद्र शर्मा को अपने चैम्बर में बुलाया था। जिसके बाद अब उनपर आरोप लगे हैं। नवीन अरोड़ा ने कहा है कि डिप्टी कमिशनर ने उनसे कहा है कि वो भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर रही हैं।

इधर अस्पताल में चिकित्सकों ने राजेंद्र शर्मा का इलाज किया है। चिकित्सकों का कहना है कि राजेंद्र शर्मा का ब्लड प्रेशर कम हो गया था। इधर अपने ऊपर आरोप लगने के बाद चारू निगम ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी है।

डीसीपी ने कहा है कि ‘राजेंद्र शर्मा के खिलाफ पहले भी शिकायत आई हैं पोस्टिंग-वगैरह को लेकर करप्शन की। मेरे एसीपी ने मुझे बताया कि इनके खिलाफ किसी ने लिखित तौर पर शिकायत दर्ज कराई है कि मैने उधार दिया था और ये वापस नहीं कर रहे हैं…तो फिर मैंने इनसे पूछा…चूकि ये मेरे निजी स्टाफ हैं, इसलिए मैं तो इनसे पूछुंगी हीं कि इस प्रकार की बात आप कोई आगे तो नहीं कर रहे।

इतना पूछा था मैंने। इसके बाद आज मेरी जन सुनवाई में ड्यूटी थी तो सुबह से मैं वहीं व्यस्त थी…कुछ लोगों ने बताया कि उनको उल्टियां हुई हैं और इसके बाद मैंने दूसरे स्टाफ के साथ उन्हें अस्पताल भेजा उन्हें एडमिट कराया…डॉक्टर से मरी बात हुई…चिकित्सक का कहना है कि इन्हें पहले से ही बीपी है…बाकी वो जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं वो पूरी तरह से गलत हैं।’