संभल हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से एसआईटी पूछताछ कर रही है। वह मंगलवार को थाने पहुंचे। पुलिस ने उनके खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। थाने पहुंचने से पहले उन्होंने कहा कि मैं कानून और संविधान में विश्वास रखता हूं। न्यायपालिका में मेरी आस्था है। आज मेरी तबियत ठीक नहीं थी, मेरे डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी है, लेकिन इसके बावजूद मैं वहां (थाने) जा रहा हूं ताकि पुलिस प्रशासन को यह न लगे कि मैं जांच में सहयोग नहीं कर रहा हूं।

हिंसा मामले में बनाया गया आरोपी

संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को आरोपी बनाया गया है। उन पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया है। पिछले दिनों एसआईटी ने जिया उर रहमान बर्क को नोटिस भेजा था। पिछले दिनों एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया था कि सांसद बर्क से पूछताछ के लिए जल्द ही 41 (ए) का नोटिस जारी किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि सांसद ने हिंसा से पहले और बाद में किससे क्या बातचीत की थी।

पूछताछ में जफर अली ने लिया था नाम

संभल हिंसा मामले में 23 मार्च को पुलिस ने जामा मस्जिद कमेटी के सदस्य जफर अली से पूछताछ की थी। उन्होंने पूछताछ के दौरान SIT को सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क की संलिप्तता के बारे में बताया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी केस डायरी में 24 नवंबर की हिंसा जामा मस्जिद के सदर जफर अली और जिया उर रहमान बर्क की साजिश का जिक्र किया था।

वहीं इससे पहले सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बीते 26 मार्च को अपने खिलाफ जारी किए गए नोटिस पर कहा था कि मामले में उनका नाम गलत तरीके से घसीटा गया है। बर्क ने कहा था, “जब मुकदमा दर्ज हुआ और मेरा नाम गलत तरीके से इसमें शामिल किया गया, तो मैंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में स्पीकर साहब से मुलाकात की थी। मैंने अपने साथ हुए अन्याय के बारे में चिंता जताई थी, क्योंकि मुझे सुरक्षा का अधिकार है। इस कारण हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि हमें न्याय मिले।