इस बार की संसद में कई युवा चुनाव जीतकर संसद पहुंचने में कामयाब रहे हैं। 17वीं लोकसभा में 40 साल से कम उम्र के सांसदों की संख्या 64 हैं। इन्हीं में एक सांसद सीवान से जदयू के टिकट पर जीत दर्ज कर पहली बार संसद पहुंची हैं। 29 वर्षीय कविता सिंह ने सीवान से बाहुबली व पूर्व राजद सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब को हराया
। यह तीसरी बार है कि सीवान सीट से किसी गैर राजद व्यक्ति ने चुनाव जीता है। हालांकि, कविता सिंह खुद बाहुबली अजय सिंह की पत्नी है। कविता सिंह की अजय सिंह से शादी और विधायक बनने का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
सीवान लोकसभा क्षेत्र में दरौंदा एक विधानसभा क्षेत्र है।
यह सीट उस समय की विधायक रही जगमातो देवी के निधन के बाद खाली हो गई थी। जगमातो के बेटे अजय सिंह ने इस सीट से टिकट की दावेदारी पेश की। मगर अजय सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया। हालांकि, नीतीश कुमार ने कहा कि वह अगर उपचुनाव से पहले शादी कर लें तो उनकी पत्नी को टिकट दिया जा सकता है।
क्षेत्र में बाहुबली माने जाने वाले अजय सिंह के पर हत्या, अपहरण और जबरन वसूली समेत करीब 30 मामले दर्ज थे। इस वजह से तुरंत उनके लिए लड़की ढूंढना भी आसान नहीं था। साल 2011 में अजय सिंह ने अखबार में शादी का विज्ञापन दिया। इसमें शर्त रखी गई कि होने वाली दुल्हन का नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए। उसके पास वोटर कार्ड हो और उसकी उम्र 25 साल से अधिक होनी चाहिए।
पितृपक्ष में हुई थी शादीः विज्ञापन में राजनीतिक बैकग्राउंड वाली लड़की को तरजीह देने की बात कही गई थी। 16 लड़कियों में कविता सिंह को शादी के लिए चुना गया। कविता सिंह उस समय छपरा की जेपी यूनिवर्सिटी से मारस्टर्स कर रही थीं। कविता के परिवार वालों ने पितृपक्ष मे उनकी शादी अजय सिंह से करा दी। आमतौर पर पितृपक्ष 15 दिन का ऐसा समय होता है जिसमें हिंदू कोई शुभ कार्य करना उपयुक्त नहीं मानते हैं।
सबसे कम उम्र की बनीं थी विधायकः शादी के बाद 2011 में उपचुनाव जीतकर कविता सिंह बिहार विधानसभा की सबसे कम उम्र की विधायक बनी। यहां से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। अपनी पति की बदौलत उन्होंने दो बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद इस बार 2019 में लोकसभा का चुनाव भी जीत लिया। उन्होंने राजद प्रत्याशी को 1.16 लाख मतों के अंतर से हराया।
