Noida News: दिल्ली एनसीआर से सटे ग्रेटर नोएडा से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के बीटेक के एक छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला था। उसका शव पंखे से लटकता हुआ मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।

घटना की सूचना तब मिली थी जब हॉस्टल के कर्मचारियों ने छात्र का शव लटकते हुए देखा। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा था कि इस मौत के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। छात्र ने अपने सुसाइड नोट में अंगदान करने की बात कही है।

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सुसाइड नोट में क्या लिखा?

आत्महत्या करने वाले छात्र ने चादर का फंदा बनाकर पंखे से लटककर आत्महत्या की थी। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया गया। ऐसे में मौत की वजहों को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा, “जब तक आप यह नोट पढ़ेंगे, तब तक मैं मर चुका होऊंगा। आत्महत्या का फैसला मेरा अपना है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। यह दुनिया मेरे लिए नहीं है। मैं बस एक बेकार इंसान हूं।”

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फीस वापस करने की मांग

छात्र ने अपने सुसाइड नोट में पुलिस से मांग की कि इस मौत के लिए किसी और को जिम्मेदार न ठहराया जाए। इसके अलावा छात्र ने कॉलेज प्रबंधन से उसकी फीस उसके पिता को लौटाने का विशेष अनुरोध किया है। छात्र ने लिखा, “मैं अच्छा छात्र नहीं हूँ। शायद मैं इस शिक्षा प्रणाली के लिए नहीं बना था। मैं अपने अंग दान करना चाहता हूं।”

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इसके अलावा सुसाइड नोट के एक अलग हिस्से में छात्र ने अपने करीबी लोगों से माफी भी मांगाी। छात्र ने कहा, “मैं उन सभी लोगों से माफ़ी माँगता हूँ जिन्हें मेरी वजह से ठेस पहुंची है। माफ़ करना बाबा, मैं आपके बुढ़ापे में आपका साथ नहीं दे सका। मैं किसी भी तरह का तनाव और दबाव नहीं झेल सकता। माफ़ करना।”

बेटे की मौत से सदमें मे पिता

छात्र के पिता ने कहा कि मेरा बेटा दो महीने से घर पर था। उसने कभी ऐसी कोई बात नहीं कही। वह सामान्य रूप से बात करता था। कोई दिक्कत नहीं थी। वह 2 अगस्त को घर से लौटा था। उससे पहले हम वैष्णो देवी गए थे। वहां भी सब ठीक था। वह हमारे परिवार का इकलौता बेटा था। अगर उसे पढ़ाई नहीं करनी थी तो वह मना कर सकता था।

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