उत्तर प्रदेश के संभल में नए साल पर एक बार फिर से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। 4 जनवरी को संभल में प्रशासन ने दो अवैध मस्जिद और एक मदरसे को बुलडोजर से गिरा दिया। हालांकि मस्जिद को लेकर प्रशासन ने पहले से ही गांववालों को जानकारी दे दी थी। गांव वाले भी प्रशासन से सहमत थे और इसी वजह से एक मस्जिद को ढहाने का काम खुद उन्होंने शुरू कर दिया था।

एक मस्जिद को खुद गिरा रहे थे गांववाले

ऐसे में जब प्रशासन की टीम मस्जिद तक पहुंची, तो उन्होंने देखा कि एक मस्जिद को गांव वाले काफी हद तक गिरा चुके थे। इसके बाद प्रशासन ने दूसरी अवैध मस्जिद और मदरसे को भी तोड़ दिया। इसके लिए तीन बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया और 1500 वर्ग मीटर की जमीन खाली कराई गई। प्रशासन ने इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब संभल में ढाई बीघे जमीन अतिक्रमण मुक्त कर ली है।

बुलडोजर कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने मलबा हटवाकर इन जमीनों के पट्टे 20 गरीब लोगों को आवंटित कर दिए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने पत्रकारों को बताया कि असमोली थाना क्षेत्र के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में गाटा संख्या 537 की 1,339 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर 20 से 25 वर्ष पहले अवैध कब्जा कर मस्जिद और मदरसे का निर्माण किया गया था। उन्होंने बताया कि मदीना मस्जिद नामक इस ढांचे ध्वस्त कर जमीन को अब पूरी तरह कब्जा मुक्त कराकर 20 निर्धन व्यक्तियों को आवंटित कर दिया गया है।

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जिलाधिकारी ने क्या कहा?

जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से निर्मित मस्जिद और मदरसे को मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं हटा दिया था जिसके बाद प्रशासन ने मलबा और अवशेष हटवाकर भूमि को साफ कराया और 20 लोगों को पट्टे पर आवंटित कर दिया। इस भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके आवास बनाए जाएंगे।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि अवैध रूप से निर्मित मस्जिद और मदरसे को हटाने के लिए संबंधित पक्षों को चार माह का नोटिस दिया गया था, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों ने शनिवार को ही इसे हटाने का कार्य शुरू कर दिया था। मलबा हटाने के दौरान छह थानों का पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबलरी की दो पलटन तैनात रही।