Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश का संभल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार चर्चा में आने की वजह यह है कि यहां का एक युवक यूट्यूब चैनल के जरिए पाकिस्तान के मौलाना से संभल हिंसा को लेकर कुछ सवाल पूछ रहा था। मौलाना से बातचीत का उसका यह वीडियो वायरल हुआ और संभल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

युवक की उम्र 24 साल है और उसका नाम मोहम्मद अकील है। पुलिस ने उसे भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

याद दिलाना होगा कि पिछले साल नवंबर में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी और इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसे लेकर उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान काफी चढ़ गया था क्योंकि विपक्षी दल सपा ने बीजेपी पर जानबूझकर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

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यह पूरा मामला क्या है?

मामला यह है कि मोहम्मद अकील ने 15 जनवरी को पाकिस्तान में एक मौलवी मोहम्मद अली मिर्जा से बात की थी और सवाल पूछा था कि जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में जो लोग मारे गए थे क्या उन्हें शहीद कहा जाना चाहिए या नहीं?

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, भेजा जेल

मोहम्मद अकील को मिर्जापुर नरुल्लापुर गांव से गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संभल के बहजोई थाने में मोहम्मद अकील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसे शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।

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इस मामले में संभल के एएसपी श्रीश चंद्र ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मोहम्मद अकील ने हिंसा के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉल और मोबाइल चैट को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की भावना आहत हुई है और देश की छवि भी धूमिल हुई है।

हिंसा में भूमिका को लेकर जांच कर रही पुलिस

एएसपी ने कहा कि पुलिस ने मोहम्मद अकील के मोबाइल फोन की जांच की है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह पाकिस्तान में कुछ अन्य लोगों के भी संपर्क में था? साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या हुआ नवंबर में हुई इस हिंसा में शामिल था या नहीं? मोहम्मद अकील के पाकिस्तानी मौलाना से बातचीत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

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