संभल हिंसा का एक साल पूरा होने के मौके पर सोमवार को क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया। पुलिस ने बताया कि विवादित धार्मिक स्थल से लेकर हिंदूपुरा खेड़ा और अंजुमन तिराहे तक पूरे संभल को 19 सेक्टर में बांटा गया है।
संभल के डीएम राजेंद्र पेंसिया ने फ्लैग मार्च के बाद पत्रकारों को बताया कि फ्लैग मार्च का मकसद आम लोगों में विश्वास पैदा करना है कि पुलिस और प्रशासन उनके साथ है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुल 19 मजिस्ट्रेट हर शुक्रवार को तैनात किए जाते हैं और आज भी उतनी तैनाती की गई है।
‘घुसपैठियों की पहचान करें, हर जिले में बनाएं डिटेंशन सेंटर…’
डीएम ने बताया, “सेफ सिटी संभल परियोजना के तहत पिछले एक साल में कुल 163 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।”
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि स्थानीय पुलिस बल के अलावा आरएएफ और दो बटालियन पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
चार लोगों की हुई थी मौत
संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे के बाद हिंसा भड़क उठी थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
डीएम ने जानकारी दी कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 37 पुलिस चौकियां और पांच बॉर्डर आउटपोस्ट बनाए गए हैं। संभल हिंसा के मामले में 12 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 133 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
