राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता कृष्णा गोपाल ने RSS को पुरुषों की संस्था बताते हुए इसके महिला विरोधी होने से इनकार किया है। उन्होने बताया कि संघ महिला और पुरुष दोनो के लिए है। संघ द्वारा महिला और पुरुष दोनो के लिए अलग-अलग संस्था बनाई गई है।
संघ में महिला और पुरुष एक साथ नहीः RSS के संयुक्त महासचिव कृष्णा गोपाल ने शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 में RSS के महिला विरोधी होने के आरोप को गलत बताया। कॉन्क्लेव में पूछे गए सवालों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संघ में महिलाओं के लिए अलग संस्था है। एसे में पुरुष और महिला को एक साथ एक ही ग्रुप में काम करने की आवश्कता ही नहीं है। कृष्णा गोपाल ने अपनी बात को साबित करते हुए कहा कि जिस तरह भारतीय क्रिकेट टीम में केवल पुरुष ही खेलते है, महिलाओं के लिए अलग टीम है, संघ भी इसी तरह काम करता है। RSS के आफॅशियल वेबसाईट के अनुसार राष्ट्र सेविका समिति (राष्ट्रीय महिला स्वयंसेवक समिति) संघ से जुड़ी एक मात्र महिला हिंदू राष्ट्रवादी समूह है। समिति का उद्घाटन 1936 में लक्ष्मीबाई केलकर द्वारा हुई थी। यह समिति भी संघ के सिद्धांतों पर काम-काज करती है। संघ की तरह ‘हिंदू राष्ट्र’ को फिर से देश में स्थापित करने में विश्वास रखती है।
राहुल गांघी का बयान RSS परः बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अक्टूबर 2017 में गुजरात के एक बैठक में RSS को महिला विरोधी कहा था। राहुल ने RSS पर वार करते हुए कहा- ‘क्या आपने किसी महिला को शॉर्ट्स में देखा है? मैंने नहीं देखा। गौरतलब है कि राहुल के इस ही बयान का जिक्र कॉन्क्लेव में हुआ जिसके बाद कृष्णा गोपाल ने इसका खंडन किया। उन्होने RSS को महिलाओं के प्रति सोचने वाली संस्था बताते हुए कहा कि संस्था के सदस्य पारिवारिक है और हमारी संस्कृति में हमने उन्हें देवी के बराबर का दर्जा दिया हुआ है।
