देशभर में आज धूमधाम से 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर सरकार 26 जनवरी से लाल किले के प्रांगण में 6 दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव ‘भारत पर्व’ का आयोजन करेगी। इस गणतंत्र दिवस पर बिहार की 6 महिलाएं इतिहास रचेंगी। ये वो महिलाएं हैं जो जो बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) की स्पेशल महिला बसों की ड्राइवर बनने जा रही हैं। आइए जानते हैं उनकी कहानियां।

22 साल की अनीता कुमारी उन छह महिलाओं में से एक हैं जो बीएसआरटीसी द्वारा महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा की ड्राइवर बनने जा रही हैं। अन्य पांच महिलाएं बेबी कुमारी (22), गायत्री कुमारी (22), आरती कुमारी (21), सरस्वती कुमारी (21) और रागिनी कुमारी (21) हैं। सोमवार को ये 6 महिलाएं और उनकी पिंक बस पटना में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेंगी। ये सभी 6 महिलाएं मुसहर समुदाय से हैं जो बिहार के सबसे हाशिए पर स्थित दलित समुदायों में से एक है।

सभी महिलाएं और अन्य ड्राइवर गणतंत्र दिवस परेड के लिए कई दिनों से अभ्यास कर रहे हैं, परिवहन विभाग परिसर और उसके बाहर की सड़क पर बस चला रहे हैं। लगभग 5 फीट लंबी बेबी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “लोग अक्सर मेरी लंबाई की ओर इशारा करते हैं और उसी के आधार पर मेरी क्षमताओं का आकलन करते हैं। पहले ये बातें मुझे परेशान करती थीं लेकिन अब मैं इन बातों को अपने आत्मविश्वास को डगमगाने नहीं देती। मैं ट्रक जैसे वाहन चला सकती हूं, ऐसा करने की तो मुझसे दोगुनी लंबाई वाले लोग भी हिम्मत नहीं कर सकते।

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बीएसआरटीसी में पहली महिला ड्राइवर

इन सभी छह महिलाओं को 2023 में लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस और 2024 में हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) लाइसेंस प्राप्त हुए। उन्होंने दो सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया और वे बीएसआरटीसी में पहली महिला ड्राइवर बनने के लिए तैयार हैं। केवल महिला यात्रियों के लिए विशेष रूप से संचालित पिंक बस सर्विस मई 2025 से बिहार में शुरू हुई। बीएसआरटीसी ने बसों के लिए कई महिला कंडक्टरों को नियुक्त किया है लेकिन इन वाहनों को अभी भी पुरुष ही चलाते हैं।

वर्तमान में, राज्य के विभिन्न शहरों में लगभग 100 पिंक बसें चल रही हैं। महिला चालकों को इस क्षेत्र में शामिल करने के लिए, परिवहन विभाग ने योग्य उम्मीदवारों को निःशुल्क, व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, 21-40 आयु वर्ग की महिलाएं प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। आवेदकों के पास या तो वैध एचएमवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए या कम से कम तीन साल पुराना एलएमवी लाइसेंस होना चाहिए।

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जनवरी 2026 में शुरू हुआ ट्रेनिंग प्रोग्राम

आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2025 में शुरू हुई और प्रशिक्षुओं के पहले बैच ने जनवरी 2026 में दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च में आयोजित किया गया, जिसमें पटना में अतिरिक्त प्रशिक्षण सहायता सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम पूरा करने वाली उम्मीदवारों को कॉन्टरैक्ट के आधार पर पिंक बसों के संचालन के लिए नियुक्त किया जाएगा। ये छह युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पहली बैच हैं। कुल मिलाकर, आने वाले महीनों में पिंक बसों का संचालन संभालने के लिए 13 महिला चालक प्रशिक्षण ले रही हैं।