नोएडा पुलिस ने मंगलवार को नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के मौत मामले में एक रियल स्टेट डेवलपर को गिरफ्तार किया है। 27 वर्षीय युवराज की मौत शनिवार को नोएडा के हाईटेक सेक्टर 150 के पास बने 70 फीट गड्ढे में डूबने से हो गई थी। शाम को इंजीनियर की कार बाहर निकाली गई है।
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात युवराज गुरुग्राम में ऑफिस के बाद नोएडा स्थित अपने घर वापस आ रहा था, वह अपने घर के करीब पहुंचा ही थी कि उसकी कार घने कोहरे कारण सड़क के पास बने गहरे गड्ढे में गिर गई थी। यह गड्ढा एक जमीन पर बेसमेंट के लिए खुदाई के कारण बना था और उसमें पास के बने नालों से पानी रिस कर भर गया था। इसी पानी में युवक की डूबकर मौत हो गई।
बिल्डर पर है लापरवाही के आरोप
आरोप है कि बिल्डर्स ने इस निर्माणकार्य को अधूरा छोड़ रखा था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद लापरवाही के आरोप में दो बिल्डरों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने एक बिल्डर को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
निकाली गई इंजीनियर की कार
इंजीनियर की मौत के तीन दिन बाद मंगलवार शाम को उसकी ग्रैंड विटारा एसयूवी बाहर निकाली गई है। पुलिस की मौजूदगी के दौरान नोएडा के सेक्टर 150 में 70 फुट गहरे गड्ढे से एक क्रेन ने ग्रे रंग की एसयूवी को बाहर निकाला गया, जो खरपतवार से ढकी हुई थी।
युवराज मेहता की मौत की जाँच कर रही एसआईटी
इधर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी टीम के प्रमुख एडीजी भानु भास्कर अपने दूसरे सदस्यों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे हैं।
युवराज मेहता के पिता ने लगाए थे आरोप
युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने पुलिस एफआईआर में आरोप लगाया था, “घटना शनिवार रात 12.30 बजे हुई। घना कोहरा था, इस कारण आगे की सड़कें कम दिखाई दे रही थे और नाले के पास की चारदीवारी पहले से ही टूटी हुई थी।”
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि युवराज ने अपने फोन की टॉर्च जला रखी थी और वह लोगों से मदद मांग रहा था। कुछ लोगों ने कहा कि गड्ढे में लोहे की छड़ें और अन्य मलबा होने के कारण पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी उसमें कूदने से कतरा रहे थे। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
नोएडा सीईओ पर की गई कार्रवाई
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को नोएडा अथारिटी के सीईओ लोकेश एम को उनके पद से हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। इसके साथ ही यूपी सरकार ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इससे पहले एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया था और कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
सोमवार को युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि युवक की मौत डूबने के कारण दम घुटने और फिर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है। युवराज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
