जयपुर शहर की आठ विधानसभा सीटों पर अब नए समीकरण बनने से दोनों दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। भाजपा के मजबूत गढ़ के तौर पर पहचान रखने वाले जयपुर की सभी सीटों पर इस बार कांग्रेस और निर्दलियों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। कांग्रेस ने भी पूरा दमखम लगा दिया है। भाजपा को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार दिसंबर को जयपुर में होने वाली सभा से खास उम्मीदें है। भाजपा का दावा है कि मोदी की सभा के बाद जयपुर में भी उसके पक्ष में इकतरफा माहौल बन जाएगा और पहले की तरह सभी सीटों पर उसका कब्जा बरकरार रहेगा। जयपुर में भाजपा के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दावं पर लगी हुई है। जयपुर में विद्याधर नगर और सांगानेर सीटों पर तिकोना मुकाबला हो रहा है। इसके अलावा अन्य छह सीटों- मालवीय नगर, आदर्श नगर, बगरू, हवामहल, किशनपोल और सिविल लाइन में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। विद्याधर नगर सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी तिकोने संघर्ष में फंसे हुए है। इस सीट पर उन्हें कांग्रेस के सीताराम अग्रवाल और निर्दलीय विक्रम सिंह शेखावत से मुकाबला करना पड़ रहा है।

शेखावत कांग्रेस के बागी है। इसके कारण कांग्रेस के ज्यादातर पार्षद और स्थानीय कार्यकर्ता उनके साथ लगे हुए है। शेखावत के मुख्य मुकाबले में होने से कांग्रेस और भाजपा दोनों के समीकरण गड़बड़ा गए है। भाजपा के राजवी और निर्दलीय शेखावत के एक ही राजपूत जाति से होने से भी इस वर्ग के वोटों में बंटवारा होने की उम्मीद है। इसी तरह के हालात सांगानेर सीट पर हैं। भाजपा से अलग होकर भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने सांगानेर में मुकाबला तिकोना बना दिया है। भाजपा ने जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी और कांग्रेस ने युवा नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज को मैदान में उतारा है।

भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में तिवाडी सेंध लगा रहे है तो तिवाड़ी के ब्राह्मण वोट बैंक में कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज ने सेंध लगा दी है। इस कारण सांगानेर में सबसे रोचक मुकाबला हो रहा है। जयपुर की अन्य छह सीटों में से मालवीय नगर, आदर्श नगर और सिविल लाइन सीटें भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की बन गई है।
इन तीनों सीटों पर भाजपा के दिग्गज नेता चुनाव लड़ रहे है। मालवीय नगर में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ और सिविल लाइन में सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी और आदर्श नगर में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी मैदान में है। ये तीनों ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी हैं। इस कारण राजे ने तीनों सीटों को अपनी प्रतिष्ठा से भी जोड़ लिया है। सिविल लाइन में चतुर्वेदी को जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास टक्कर दे रहे हैं।

चतुर्वेदी के प्रचार की कमान अब आरएसएस से जुडे लोगों ने अपने हाथ में ले ली है। इसी तरह से मालवीय नगर में चिकित्सा मंत्री सर्राफ सरकार में रहने के दौरान कई विवादों में फंस गए थे। इससे उनसे आरएसएस के लोग खासे खफा है। संघ के उनके प्रचार में नहीं जुटने से भी उनकी मुश्किलें बढ गई है। आदर्श नगर में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष परनामी को धु्रवीकरण का भरोसा है। कांग्रेस ने इस सीट पर मुसलिम चेहरे के तौर पर रफीक खान को मैदान में उतारा है। परनामी के पक्ष में भाजपा का एक धडा अब तक मौन साधे बैठा है। परनामी रूठे भाजपाइयों को मनाने में लगे हुए है। जयपुर जिला भाजपा अध्यक्ष संजय जैन का कहना है कि सभी सीटों पर भाजपा ने बढ़त हासिल कर रखी है। प्रधानमंत्री मोदी की मंगलवार को होने वाली सभा के बाद तो भाजपा की जीत के बारे में कोई सवाल ही नहीं उठा सकेगा।