पंजाब में कांग्रेस पार्टी के विधायक कुलबीर सिंह जिरा पर अवैध शराब बेचने और गुंडा टैक्स वसूलने का आरोप लगने के बाद आलाकमान ने बुधवार (16 जनवरी, 2019) को उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्या से निलंबित कर दिया था। कुलबीर सिंह राज्य में जिरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। विधायक पर शराब तस्करी और गुंडा टैक्स वसूलने के आरोप लगने के बाद पंजाब में कांग्रेस पार्टी विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान राज्य को नशा मुक्त बनाने का कांग्रेस का बड़ा चुनावी मुद्दा था। पार्टी ने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस के लौटने के बाद राज्य को नशा मुक्त बना देंगे।
जानना चाहिए कि फिरोजपुर के एक शराब कारोबारी ने कांग्रेस विधायक पर अवैध शराब बेचने और गुंडा टैक्स वसूलने का आरोप लगाया। कारोबारी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उन्हें धमकानें के लिए गैंगस्टर्स भेजे। फिरोजपुर के शराब कारोबारी फरमान सिंह संधू ने कहा, ‘कुलबीर सिंह मुझसे गुंडा टैक्स के रूप में हर महीना में एक तय रकम मांग रहे थे। मैंने उन्हें पिछले साल 15 लाख रुपए भी दिए। इस साल उन्होंने और पचास लाख रुपए की मांग की। हमें धमकाने के लिए वह गुंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका निजी सहायक गिनी सोधी (पुलिस इसे गिरफ्तार कर लिया है) भी एक गुंडा है। जिरा हरियाणा से शराब मंगवाकर राज्य में इसकी तस्करी करते हैं।’
शराब कारोबारी ने कांग्रेस विधायक पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि उनके दस गैंगस्टर से संबंध हैं। इसके अलावा गैंगस्टर विक्की गोंडर और जेल गए गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों के साथ संबंध भी उनके संबंध हैं। बता दें कि पिछले महीना ही कांग्रेस विधायक ने सार्वजनिक रूप से अवैध शराब की तस्करी रोक पाने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था। ड्रग्स की बिक्री को लेकर भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पंजाब पुलिस के एक टॉप अधिकारी पर अवैध शराब के व्यापार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य पुलिस तस्करों के हाथों में खेल रही है।
गौरतलब है कि पूर्व में पार्टी ने कुलबीर को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपनी नाराजगी के बारे में बताने को कहा था। बाद में उन्हें बुधवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। मामले में पंजाब कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ ने बताया, ‘हमने कुलबीर सिंह को पहले कारण बताओ नोटिस भी भेजा। इसके बाद उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।’

