Pulwama Attack के बाद देशभर में आतंकियों पर शिकंजे की कोशिशें तेज हो गई हैं। बीते दिनों इसी कड़ी में एटीएस (आतंक रोधी दस्ता) ने उत्तर प्रदेश के देवबंद से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इन दोनों की पहचान शाहनवाज अहमद और आकिब अहमद के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ में कई राज सामने आ रहे हैं। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने करीब चार घंटे तक इन दोनों से पूछताछ की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF पर हुए हमले के संबंध में भी अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि इनके मोबाइल से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश का भी पता चला है। दोनों जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए जा रहे हैं।

वर्चुअल नंबर का उपयोग करते थे दोनोंः मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये संदिग्ध बीबीएम के फोन और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करते थे। इनके फोन में ऐसे-ऐसे एप्लीकेशन भी पाए गए जो प्ले स्टोर पर मौजूद ही नहीं थे। इनका इस्तेमाल साथियों से संपर्क करने में किया जाता था। माना जा रहा है कि इनकी निशानदेही पर पुलिस और भी लोगों को हिरासत में ले सकती है।

जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा संबंधः मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों संदिग्धों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से भी बताया जा रहा है। बिना दाखिले के देवबंद में रह रहे इन संदिग्धों के पास से हथियार और जिहादी वीडियो भी जब्त किए गए हैं। डीजीपी के मुताबिक इनमें से शाहनवाज नए लड़कों की भर्ती का काम देखता था। दोनों ही संदिग्ध जम्मू और पुलवामा के रहने वाले थे इसके चलते सीआरपीएफ हमले से इनके तार जुड़े होने का शक और गहरा हो गया है। पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश में सुरक्षा तंत्र की मजबूती पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है।