जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF पर हुए दर्दनाक हमले के एक दिन बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्ज छीनने का ऐलान कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सैनिकों को पूरी छूट दिए जाने का ऐलान किया है। इस बड़े हमले से पूरा देश गमगीन है। ऐसे में पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग भी फिर से उफान पर है। पाकिस्तान को सबक सिखाना भारत के लिए इतना मुश्किल भी नहीं है। आर्थिक रूप से तबाह हो रहा पाकिस्तान पड़ोसी देश चीन के रहमोकरम पर चल रहा है। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए जिन पांच तरीकों की अक्सर चर्चा होती है, उसका कितना असर पड़ सकता है, आइए समझते हैं…
1. किसी भी तरह की बातचीत करें बंदः मोदी सरकार का पाकिस्तान को लेकर रुख बेहद साफ है- बातचीत होगी तो पहले आतंकवाद पर होगी। लंबे समय से भारत की तरफ से बातचीत की पहल की जाती रही है लेकिन इससे बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। भारत का संदेश साफ है कि पाकिस्तान को अपनी जमीन पर चल रहे आतंकी कैंपों पर नकेल कसनी चाहिए। ऐसे में बातचीत बंद करने के साथ-साथ कूटनीतिक दबाव जरूरी है। पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध बेहद जरूरी हैं।
2. मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनेगाः मोदी सरकार ने पाकिस्तान को भारत की तरफ से दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीनने का ऐलान कर दिया है। MFN का दर्जा कारोबार के क्षेत्र में दिया जाता है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले से खस्ता है ऐसे में MFN का दर्जा छीने जाने से आर्थिक नुकसान हो सकता है लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आतंकवाद पर लगाम कसने में मदद मिलेगी यह कहना मुश्किल है।आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच फिलहाल करीब 2.61 अरब डॉलर रुपए का व्यापार होता है।
3. पाकिस्तान का पानी रोकने का ऑप्शनः सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए लाइफलाइन से कम नहीं है। यह नदी भारत और पाकिस्तान दोनों से गुजरती है। दोनों देशों के बीच इस नदी का पानी इस्तेमाल करने को लेकर 19 सितंबर 1960 को सिंधु जल समझौता हुआ था। ‘हिंदू’ में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक भारत ने यह सोचकर पाक से संधि की थी कि उसे जल के बदले शांति मिलेगी, लेकिन संधि होने के महज पांच साल बाद ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर हमला कर दिया। पानी रोकने से पाकिस्तान की हालत खराब हो सकती है। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए यह तरीका भी कारगर है। उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भी यह कदम उठाने की मांग हुई थी।
4. यूएन में जैश सरगना पर को आतंकी घोषित करवानाः पाकिस्तानी दहशतगर्दों को संयुक्त राष्ट्र से आतंकी घोषित करवाना एक शुरुआती कदम है। लेकिन अब तक चीन इसमें अड़ंगा लगाते नजर आया है। हालांकि सिर्फ आतंकी घोषित करवाने से बात नहीं बनेगी हाफिज सईद पर भी प्रतिबंध लगाया गया था इसके बावजूद वह खुलेआम रैलियां करता रहा है। ऐसे में इन आतंकियों पर कार्रवाई न करने वाले पाकिस्तान का बहिष्कार जरूरी है। सिर्फ आतंकी घोषित करने से समाधान मुश्किल है।
5. क्या करतारपुर कॉरिडोर पर बातचीत रोकेगा भारत? पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा के बाद करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला किया गया था। 14 मार्च को इस मसले पर दोनों देशों के बीच बातचीत प्रस्तावित है। ऐसे में उसमें कोई बदलाव होगा या नहीं यह देखने वाली बात है। लेकिन सद्भावना के रास्तों से पाकिस्तान सुधर पाएगा अतीत को देखते हुए इसकी उम्मीद कम ही है।
