27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में बताया कि इंजीनियर की मौत पानी में डूबने के कारण दम घुटने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है।

बता दें कि शुक्रवार को गुरुग्राम स्थित ऑफिस से लौटते समय युवराज मेहता की कार नोएडा 150 के पास एक नाले की रेलिंग तोड़ती हुई पास ही बने 70 फीट गड्ढे में गिर गई थी जहां पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई थी।

फेफड़ों में भरा 200 मिलीलीटर फ्लूइड

रिपोर्ट में कहा गया, मृतक के फेफड़ों में करीब 200 मिलीलीटर फ्लूइड (तरल पदार्थ) भर गया था। आगे कहा गया कि युवराज की मौत का कारण, मृत्यु से पहले पानी में डूबने से दम घुटना और बाद में कार्डियक अरेस्ट है।

युवराज मांगता रहा मदद

जानकारी दे दें कि शुक्रवार की रात युवराज गुरुग्राम से नोएडा स्थित अपने घर लौट रहा था, रात में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम थी, इस कारण उसकी कार एक नाले की रेलिंग से टकरा गई और रेलिंग से तोड़ती हुई पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। इसके बाद मृतक ने अपने पिता का फोन किया और मदद मांगी। इसके बाद पिता राजकुमार मेहता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, फिर पुलिस और दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

प्रशासन ने दिखाई लापरवाही

प्रत्यक्षदर्शियों के कहा कि युवराज ने अपने फोन की टॉर्च जला रखी थी और वह लोगों से मदद मांग रहा था। कुछ लोगों ने कहा कि गड्ढे में लोहे की छड़ें और अन्य मलबा होने के कारण पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी उसमें कूदने से कतरा रहे थे।

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हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव नारायण मिश्रा ने कहा कि पुलिस और दमकलकर्मियों ने सीढ़ी, क्रेन, नाव सर्चलाइट जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया, लेकिन घने कोहरे की वजह से कुछ दिख नहीं रहा था और बचाव कार्य के दौरान इसमें बाधा आई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी से भरे गड्ढे को बैरिकेड लगाकर भी बंद नहीं किया गया था, इस कारण घने कोहरे की स्थिति में यह लोगों के लिए मौत का जाल बना हुआ था।

प्रशासन ने की कार्रवाई

इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की लोग आलोचना कर रहे हैं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्थानीय जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया है और कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

पुलिस ने इंजीनियर की मौत को लेकर दो बिल्डरों- एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

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