राजस्थान में सियासी उठापटक खत्म होते ही विधानसभा का सत्र फिर से शुरू हो गया है। जयपुर में बारिश के बीच विधायक एक बार फिर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी उनके समर्थक विधायकों के साथ विधानसभा आए। सदन में पायलट की सीट बदल दी गई है। उन्हें निर्दलीय विधायकों के साथ बैठाया गया।
सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को गैलरी में लगी कुर्सी पर बैठाया गया है। इस पर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि आज मैं सदन में आया तो देखा कि मेरी सीट पीछे रखी गई है। मुझे हैरानी हुई कि मेरी सीट यहां क्यों लगायी गई है। पहले जब मैं वहां बैठता था तो मैं सुरक्षित था सरकार का हिस्सा था। मैंने सोचा की मेरे अध्यक्ष और चीफ व्हिप साहब ने मेरी सीट यहां क्यों की है। तब मैंने दो मिनट सोचा तो देखा कि ये सरकार और विपक्ष के बीच का बॉर्डर है और सबसे मजबूत योद्धा को बॉर्डर पर भेजा गया है।
पायलट ने कहा कि मैं राजस्थान से आता हूं, जो कि पाकिस्तान बॉर्डर पर है। बॉर्डर पर सबसे मजबूत सिपाही तैनात रहता है। मैं जब तक यहां बैठा हूं, सरकार सुरक्षित है। उन्होने आगे कहा “चाहे वो मेरा दोस्त हो या साथी हो। हम लोगों ने जिस डॉक्टर के पास मर्ज को बताना था बता दिया। इलाज करवाने के बाद हम सब सवा सौ लोग सदन में खड़े हैं… इस सरहद पर चाहे कितनी भी गोलाबारी हो हम सब और मैं कवच और ढाल, गदा और भाला बनकर सब सुरक्षित रखूंगा। ”
राजस्थान विधानसभा का एक महत्वपूर्ण सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सदन में दिवंगत लालजी टंडन, अजीत जोगी और अन्य नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही एक बजे तक स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डा. सी पी जोशी ने दिवंगत नेताओं को शोकाभिव्यक्ति और श्रृद्वांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही एक बजे तक स्थगित कर दी।
विधानसभा की कार्यसमिति की बैठक तीन बजे प्रस्तावित है। कोरोना महामारी को देखते हुए विधानसभा में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई है। पिछले महीने अशोक गहलोत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह के बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।
वहीं होटल में ठहरे कांग्रेस के विधायकों को लेकर रवाना हुई बसें भारी बारिश और यातायात की भीड़ के कारण समय पर विधानसभा में नहीं पहुँच सकी। राजधानी जयपुर में सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर पानी भर गया और शहर के अधिकतर हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ हैं। राज्य की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास 72 विधायक है।
